दो जून की रोटी’ की महत्ता प्रतिपादित करने के लिए आयोजित लेख लेखन प्रतियोगिता में सुमन देवांगन विजेता रही • बहुत से गरीबों को ‘दो जून की रोटी’ भी नसीब नहीं होती, अतः अन्न की बर्बादी रोकें और दाने दाने को सहेजें
भिलाई। देवांगन समाज की महिलाओं को “दो जून” की महत्ता प्रतिपादित करने हेतु लेखन प्रतियोगिता का अभिनव आयोजन किया गया। अपने तरह की अलग इस...
