पाकर तुमको मृत्यु रोई, खोकर तुमको जीवन रोया, खुलकर संगी साथी रोये, छुप छुप कर दुश्मन रोया… झीरम घाटी के नक्सली हमले में शहीदों को विनम्र श्रद्धांजलि-अश्वनी साहू
“और अब तक का सफरनामा” विधानसभा पाटन- आलेख- अश्वनी साहू कहानी बन कर जिए इस जमाने में, लगेगी सदियां, उन्हें भुलाने में 25 मई 2013...
