लोकेश्वर सिन्हा
गरियाबंद। नगर के हिन्दू मुस्लिम समाज के युवाओं के द्वारा कोरोना काल के प्रारम्भ से ही जाने अनजाने हर उस ब्यक्ति का अंतिम संस्कार कर रहे है जिनका कोई नही है और उसकी मौत कोरोना संक्रमन से हुआ हो। इसी तरह आज फिर एक अंजान ब्यक्ति को उन युवाओं के द्वारा अंतिम विदाई दिया गया। जिला कोविड अस्पताल में आज एक अज्ञात व्यक्ति की मौत हो गयी। जिसका अंतिम संस्कार गरियाबंद के समाजसेवी युवाओं द्वारा किया गया जिसे शनिवार को जिला अस्पताल में भर्ती किया गया था और उसका कोई कोई अपना था भी नही। उक्त अज्ञात व्यक्ति बीते कुछ सालों से गरियबन्द जिले के मैनपुर ब्लाक के इंदागांव थानापारा क्षेत्र के जंगल मे झोपड़ी बनाकर रह रहा था जो कहा से आया और उसका क्या नाम था किसी को इस बारे में कोई जानकारी नही है। गांव के लोग उसे नेपाली नाम से बुलाते थे। नेपाली को अचेत अवस्था मे जिला अस्पताल में भर्ती किया गया था और उसकी मौत हो गई, मौत के पश्चात जांच किये जाने पर नेपाली को संक्रमित पाया गया, और उसका कोई नही होने के चलते। कोविड अस्पताल प्रबंधन से परिवारिक जानकारी नही होने की सूचना मिलने पर सिटी कोतवली ने मर्ग कायम कर मृतक के अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू की। जिसे समाजसेवक युवा नेता सन्नी मेमन के ताहिर खान, पुनाराम यादव, अरबाज खान, हसन रजा और इमरान अली ने मिलकर उस अज्ञात ब्यक्ति का अन्तिम सँस्कार नगर के टोनही नाला के पास कफ़न दफन किया।
कर्मवीर:ना जात ना पात ना कोई रिश्ता किसी से आख़िर कौन है ये कर्मवीर जो जाने अंजाने कोरोना संकर्मितो का कर जाते है दाह संस्कार… कोरोना काल के प्रारम्भ से नगर के युवा पेश कर रहे है मिशाल , कोरोना से मृत जाने अनजाने ब्यक्ति का कर रहे अंतिम संस्कार
