15 दिन में मांगें पूरी नहीं हुईं तो होगा आंदोलन, मुख्यमंत्री-शिक्षा मंत्री आवास समेत मंत्रालय और संचालनालय घेराव की चेतावनी43301 अंशकालिक सफाई कर्मचारियों ने दी अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी, 5 अक्टूबर को दुर्ग में जुटेंगे प्रदेशभर के कर्मचारीदुर्ग। छत्तीसगढ़ के शासकीय स्कूलों में पिछले 15-16 वर्षों से सेवाएं दे रहे 43,301 अंशकालिक सफाई कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर उनकी मांगों पर शासन स्तर पर निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेशभर के सफाई कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के लिए बाध्य होंगे। इसके साथ ही नया रायपुर में मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री के निवास, मंत्रालय एवं शिक्षा विभाग के संचालनालय का घेराव किया जाएगा।सफाई कर्मचारी संगठन का कहना है कि शासकीय स्कूलों में उन्हें प्रतिदिन केवल दो घंटे कार्य के लिए नियुक्त किया गया है और इसके एवज में उन्हें महज 3000 से 3500 रुपए प्रतिमाह मानदेय दिया जाता है। जबकि अधिकांश शासकीय स्कूलों में भृत्य अथवा चपरासी के पद रिक्त होने के कारण सफाई कर्मचारियों से स्कूल के अन्य कार्य भी कराए जाते हैं। इसके चलते उन्हें निर्धारित दो घंटे के बजाय पूरा दिन स्कूल में बिताना पड़ता है।संगठन के अनुसार, पिछले 15-16 वर्षों से सफाई कर्मचारी स्कूलों में विद्यार्थियों और शिक्षकों को स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत के अभियान को जमीनी स्तर पर साकार करने में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। इसके बावजूद लंबे समय से उनकी मांगों पर शासन द्वारा अपेक्षित निर्णय नहीं लिया गया है।भृत्य के पद पर समायोजन की मांगसफाई कर्मचारियों ने मानदेय में वृद्धि के साथ ही उन्हें भृत्य के पदों पर समायोजित किए जाने सहित विभिन्न मांगें शासन के समक्ष रखी हैं। संगठन का कहना है कि प्रधान पाठक संघ एवं विभिन्न शिक्षक संगठनों ने भी सफाई कर्मचारियों की कार्यनिष्ठा और ईमानदारी को देखते हुए उनकी मांगों का समर्थन किया है। इस संबंध में शासन-प्रशासन को पत्र भेजकर सफाई कर्मचारियों को उनकी योग्यता एवं कार्य के अनुरूप भृत्य के पदों पर समायोजित करने की मांग की गई है।पिछले आंदोलन के बाद भी नहीं हुआ समाधानसंगठन ने बताया कि पूर्व में 15 जून 2025 से सफाई कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर गए थे। उस दौरान शिक्षा मंत्री की ओर से मानदेय में वृद्धि तथा हड़ताल अवधि का मानदेय भुगतान किए जाने का आश्वासन दिया गया था। इसके बाद 12 सितंबर 2025 को कर्मचारियों ने अपना आंदोलन स्थगित कर दिया था। संगठन का आरोप है कि आश्वासन के बावजूद लगभग एक वर्ष बीत जाने के बाद भी उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।5 अक्टूबर को दुर्ग में जुटेंगे प्रदेशभर के कर्मचारीइसी मुद्दे को लेकर 5 अक्टूबर 2026 को दुर्ग के मानस भवन में प्रदेशभर के अंशकालिक सफाई कर्मचारी एकत्रित होंगे। इसके बाद कर्मचारी शिक्षा मंत्री के निवास स्थान पहुंचकर अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपेंगे। संगठन ने स्पष्ट किया है कि ज्ञापन सौंपने के बाद शासन को मांगें पूरी करने के लिए 15 दिनों का समय दिया जाएगा।निर्धारित अवधि में मांगों का निराकरण नहीं होने पर कर्मचारी संगठन अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करेगा। संगठन ने कहा है कि इस दौरान नया रायपुर में मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री के निवास के साथ मंत्रालय और शिक्षा विभाग के संचालनालय का घेराव किया जाएगा। कर्मचारियों ने शासन से मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है।
