जिन मुश्किलों का सामना मैंने किया है, वह इन बच्चों को करना न पड़े।” — शिक्षक महेंद्र कुमार बोर्झा,,,
खबर हेमंत तिवारी,,,,,,,,,,,,,,, शासकीय स्कूल की तस्वीर बदलने में जुटे एक आदिवासी शिक्षक की प्रेरक कहानी पाण्डुका / राजधानी रायपुर से लगभग 160 किलोमीटर दूर...
