पाटन,,नगर पंचायत में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 एवं भारत के सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के शत-प्रतिशत पालन को लेकर एक महत्वपूर्ण संयुक्त बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों को संबोधित करते हुए बताया गया कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश क्रमांक 6147/2023 के तहत अब वार्ड पार्षद केवल जनप्रतिनिधि नहीं रहेंगे, बल्कि अपने-अपने वार्डों में स्रोत स्तर पर कचरा पृथक्करण के लिए मुख्य वैधानिक उत्तरदायी भी होंगे।
बैठक में नगर पंचायत अध्यक्ष योगेश निक्की भाले, सभी वार्ड पार्षद, मुख्य नगर पालिका अधिकारी हेमंत कुमार वर्मा तथा स्वच्छता प्रभारी उपस्थित रहे।
बैठक में शासन के निर्देशानुसार घर-घर में डस्टबिन रखने एवं कचरे के पृथक्करण को अनिवार्य करने पर जोर दिया गया। SWM नियम 2026 के तहत अब नगर के सभी नागरिकों को अपने घरों और दुकानों में मिश्रित कचरा रखने की अनुमति नहीं होगी।
नए नियमों के अनुसार प्रत्येक परिवार को चार अलग-अलग रंग के डिब्बों में कचरा अलग करना होगा। हरे डिब्बे में रसोई का गीला कचरा, नीले डिब्बे में प्लास्टिक, कागज एवं कांच जैसे सूखे कचरे, लाल डिब्बे में स्वास्थ्यकर अपशिष्ट जैसे डायपर एवं सेनेटरी नैपकिन तथा बैंगनी डिब्बे में विशेष देखभाल वाले अपशिष्ट जैसे दवाइयां, इलेक्ट्रॉनिक कचरा एवं बैटरी रखने की व्यवस्था की जाएगी।
बैठक में स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण को लेकर जनजागरूकता बढ़ाने और नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया।
