काउंसलिंग, मेंटरिंग एंड वेल बीइंग” एवं “आउटकम बेस्ड एजुकेशन” विषय पर व्याख्यान,
शासकीय राजीव लोचन स्नातकोत्तर महाविद्यालय में हो रहे सात दिवसीय फैकेल्टी डेवलपमेंट कार्यक्रम के तीसरे दिन के प्रथम सत्र का उद्घाटन संस्था प्रमुख प्राचार्य डॉ. सविता मिश्रा के द्वारा किया गया। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. भानुप्रताप नायक के द्वारा कार्यक्रम की रूपरेखा को बताया गया।
कार्यक्रम के प्रथम एवं द्वितीय सत्र की मुख्य अतिथि डॉ. अन्नपूर्णा मेट्टा सर्जारे, सहायक प्राध्यापक, एमिटी बिजनेस स्कूल, एमिटी विश्वविद्यालय, खरोरा से रही। इन्होंने “काउंसलिंग, मेंटरिंग एंड वेल बीइंग” एवं “आउटकम बेस्ड एजुकेशन” विषय पर अपना व्याख्यान दिया। इन्होंने कहा कि जब शिक्षक पढाते हैं तो इस बात का ध्यान दें कि विद्यार्थियों को पढाना ही जरूरी नहीं है बल्कि उनका कौशल विकास करना बहुत जरूरी है। किसी भी कार्य को करने के पश्चात उसका आउटकम आना बहुत जरूरी है तभी कार्य पूर्ण होगा। कोरोना के बाद विद्यार्थियों के स्वभाव में बहुत अंतर आया है। पहले के अपेक्षा छात्र-छात्राओं की काउंसलिंग एवं मॉनिटरिंग समय-समय पर बहुत आवश्यक है। आज के समय में माता-पिता के जॉब में होने की वजह से बच्चा अकेला महसूस करता है और परिवार से दूर होता जाता है। इसके लिए शिक्षक ही है जो विद्यार्थी को सही दिशा दिखा सकते हैं। आधुनिक समय में शिक्षक विद्यार्थियों के लिए सही काउंसलर बन सकता है। तनाव आज के समय में बहुत ज्यादा बढ़ रहा है इसलिए सभी को इमोशनल सपोर्ट की आवश्यकता होती है। यही कारण है कि काउंसलिंग जीवन में सही राह दिखा सकता है।
काउंसलिंग करने से यदि विद्यार्थी का विकास हो रहा है तो इसका मतलब है कि शिक्षक का भी विकास हो रहा है। एक शिक्षक को बच्चों के रोल मॉडल बनने के लिए कहीं ना कहीं अपने आप को समय-समय पर अपडेट करना चाहिए। शिक्षक कोच के जैसे काम करता है बच्चों को सही दिशा एवं लक्ष्य दिखाकर सही मार्गदर्शक बनता है।
कार्यक्रम का संचालन तामेश्वर मार्कण्डेय (सहा. प्राध्यापक, प्राणी शास्त्र) एवं आभार प्रदर्शन मनीषा भोई ( सहा. प्राध्यापक, अंग्रेजी) द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में शामिल डॉ. के. आर. मतवाले, एम.एल. वर्मा, डॉ. समीक्षा चंद्राकर,क्षमा शिल्पा मसीह, चित्रा खोटे, डॉ राजेश बघेल, मनीषा भोई, मुकेश कुर्रे, डॉ. देवेंद्र देवांगन, योगेश तारक, डॉ अश्वनी साहू, डॉ ग्रीष्मा सिंह, डॉ. सर्वेश कौशिक पटेल, निधि बग्गा, डाहरू सोनकर, खोमन साहू, हेमचंद साहू, प्रदीप टंडन, तोपचंद बंजारे, वाणी चंद्राकर नेहा सोनी, तृप्ति साहू, सोनम चंद्राकर, सुमन साहू, मनीष साहू, टेमन साहू, गरिमा साहू, वासुदेव धीवर, शुभम शर्मा, खुबलाल साहू, तरुण साहू थे।
