पाटन। शासकीय चंदूलाल चंद्राकर कला एवं विज्ञान महाविद्यालय पाटन में एकदिवसीय उद्यमिता जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला के आयोजन का उद्देश्य महाविद्यालय के विद्यार्थियों को उद्योग एवं स्वरोजगार हेतु प्रेरित करना, और आत्मनिर्भरता अपनाकर स्वयं और अन्य के लिए भी आजीविका का प्रबंध करना है।
इस कार्यक्रम में जिला उद्योग केंद्र दुर्ग से विशेषज्ञ श्री शैलेंद्र कुमार सिंह (निदेशक, जिला उद्योग केंद्र दुर्ग) और श्री एस. ए. खान प्रेरक एवं मुख्य वक्ता उपस्थित हुए थे। इस कार्यक्रम में 90 विद्यार्थी उपस्थित हुए।
इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा अपनाई गई आत्मनिर्भर भारत योजना के तहत प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। सर्वप्रथम निदेशक श्री शैलेंद्र कुमार सिंह ने स्वरोजगार का महत्व बताया, तथा जिला उद्योग केंद्र से मिलने वाली सहायता, सलाह, सुझाव एवं सब्सिडी आदि पर विभिन्न प्रकार की जानकारी प्रदान की। इस हेतु ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन संबंधित पोर्टल पर करने की बात बताइ। इसके पश्चात श्री एस. ए. खान ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि स्वरोजगार आज की आवश्यकता है। यह सभी प्रकार के लोगों के लिए उपलब्ध है, चाहे वह स्नातक हो इंजीनियर हो अथवा बिना पढ़ा-लिखा व्यक्ति हो। सभी को उनकी रुचि और क्षमता के अनुसार स्वरोजगार अपनाने का विकल्प उपलब्ध है. स्वरोजगार से प्रारंभ में शुरुआती स्तर पर धीरे-धीरे व्यावसायिक गतिविधि बढ़ती है.। इसके बाद उद्यमी की लगन, मेहनत और क्षमता से तीव्र गति से बढ़ती जाती है। आपने बताया कि छात्रों को उद्यमिता और स्वरोजगार हेतु प्रेरित करने के लिए कई उदाहरण प्रस्तुत किये।
अतः सभी व्यक्तियों को अपने क्षेत्रीय वातावरण और स्थानीय मांग का अवलोकन एवं परीक्षण करके अपनी रुचि के अनुकूल व्यवसाय या स्वरोजगार प्रारंभ करना चाहिए। जिला उद्योग केंद्र हर प्रकार की सहायता के लिए तैयार है। कार्यक्रम का संचालन प्रोफेसर डी. के. भारद्वाज ने किया एवं कार्यक्रम के अंत में डॉ. आर.के. वर्मा ने आभार प्रदर्शन करते हुए कहा कि उद्यम के बिना कोई कार्य सिद्ध नहीं होता। जिस प्रकार से एक सोए हुए सिंह के मुंह में शिकार स्वयं ही नहीं चला जाता, इसके लिए उसे प्रयास करना पड़ता है।
इस कार्यक्रम का आयोजन करियर काउंसलिंग सेल के द्वारा किया गया। इसमें आयोजक प्रवीण जैन ने जिला उद्योग केंद्र के अतिथियों को बुलाकर उनसे मार्गदर्शन प्रदान करने में महती भूमिका निभाई। कार्यक्रम में विशेष सहयोग धनंजय देव एवं झनक सिन्हा ने किया।
