रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य के किसानों को धान विक्रय करने के लिए नए पंजीयन हेतु एग्री पोर्टल बनाया गया है। इसके पूर्व गत वर्ष तक किसानों के पंजीयन हुए थे। उन्हीं पंजीकृत किसानों के धान क्रय किए गए थे।
आप पार्टी के नेता कर्मचारी विंग प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार झा ने बताया है कि अब किसानों को धान विक्रय के पूर्व पुनः समितियों में पंजीयन करने का निर्देश छत्तीसगढ़ शासन कृषि विभाग द्वारा दिया गया है। इसके तहत एक व्यक्ति के छत्तीसगढ़ में यदि एक से अधिक ग्रामों में कृषि भूमि है तो उसका भी पंजीयन एक साथ होगा। इस प्रक्रिया में लगातार पानी गिरने, मौसम की खराबी, सर्वर डाउन होने, एक से अधिक ग्राम में भूमि होने पर जल्द ओटीपी ना आने, से किसान परेशान है।
कुल मिलाकर महतारी वंदन में छटनी के बाद अब किसानों की छटनी की यह लंबी प्रक्रिया है। वैसे भी इस वर्ष धान का उत्पादन इसलिए कम होगा क्योंकि समय पर यूरिया खाद प्राप्त नहीं हुआ है। अब कीड़ों का भी प्रकोप होने लगा है।
श्री झा ने बताया है कि सरकार ना रहे बांस ना बजे बांसुरी, ना अधिक धान का उत्पादन हो, ना अधिक धान क्रय करने की जरूरत पड़े की नीति पर चल रही है। केंद्र सरकार ने अनेक लोगों को पंजीयन से पृथक रखा है। उनका कृषि भूमि होने पर भी पंजीयन नहीं होगा। जिसमें बड़े पदों पर पदस्थ व्यक्ति, सांसद, विधायक 10 हज़ार से अधिक पेंशन पाने वाला पेंशनर, संस्थागत संस्थान जिसमें छत्तीसगढ़ राज्य में अनेक मंदिरों की कृषि भूमि होने पर उन्हें ऑनलाईन विक्रय करने की पात्रता नहीं रहती है और न्यास को आर्थिक क्षति होती है, आदि को शामिल किया गया है। जिनका धान विक्रय के लिए पंजीयन ही नहीं होगा।
आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रभारी डां संदीप पाठक, प्रदेश सह प्रभारी मुकेश अहलावत, प्रदेश अध्यक्ष गोपाल साहू, प्रदेश महासचिव प्रमुख प्रवक्ता सूरज उपाध्याय, वदूद आलम, उत्तम जायसवाल, भानु प्रकाश चंद्रा, देवलाल नरेटी, परमानंद जांगडे, आदि ने किसानों के पंजीयन में हो रही समस्या का तत्काल निराकरण करने की मांग मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से की है।
