” — छ.ग. जुझारू आंगनबाड़ी कार्यकर्ता/सहायिका कल्याण संघ
खबर हेमंत तिवारी ✍️✍️✍️गरियाबंद/छुरा। छत्तीसगढ़ जुझारू आंगनबाड़ी कार्यकर्ता/सहायिका कल्याण संघ ने सरकार को स्पष्ट चेतावनी दे दी है—अगर लंबित मांगों पर तुरंत कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की रफ्तार और तेज़ होगी। प्रदेशव्यापी आव्हान पर 13 अगस्त 2025 को छुरा ब्लॉक मुख्यालय में एक दिवसीय ध्यानाकर्षण धरना प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा,

जिसकी औपचारिक सूचना ब्लॉक के अनुभागीय अधिकारी को भेज दी गई है।संघ का कहना है कि वर्षों से बार-बार मांग रखने के बावजूद सरकार की ओर से सकारात्मक पहल नहीं हो रही, जिससे हज़ारों कार्यकर्ता और सहायिकाएं नाराज़ हैं।

*मुख्य मांगें*1. शासकीय कर्मचारी का दर्जा —जब तक यह नहीं मिलता, तब तक मध्यप्रदेश की तर्ज पर प्रतिवर्ष 10% मानदेय वृद्धि दी जाए।
2. भर्ती और पदोन्नति में सुधार — पर्यवेक्षक भर्ती तुरंत निकाली जाए, आयु सीमा बंधन हटाया जाए, 50% पदों पर पदोन्नति दी जाए, सहायिकाओं को 100% पदोन्नति का अवसर मिले और सभी बंधन खत्म हों।
3. पोषण ट्रैकर ऐप की समस्याएं* बार-बार ऐप वर्ज़न बदलने से काम में रुकावट* 5G मोबाइल न होने से नया वर्ज़न सपोर्ट न करना — सरकार 5G मोबाइल उपलब्ध कराए और नेट खर्च बढ़ाए* नए वर्ज़न का प्रशिक्षण न मिलना* हितग्राहियों के आधार कार्ड अपलोड न होना* कई हितग्राही OTP बताने से मना करते हैं, जिससे बैंक खातों से पैसे निकलने की घटनाएं*संघ का आरोप — “तकनीकी और प्रशासनिक लापरवाही से कार्य प्रभावित
“*संघ की जिलाध्यक्ष रेखा साहू ने कहा कि सरकार नई योजनाओं का बोझ तो दे रही है लेकिन न सुविधाएं दे रही है, न प्रशिक्षण, न सुरक्षा। तकनीकी गड़बड़ियों का खामियाजा कार्यकर्ताओं को भुगतना पड़ रहा है।संघ ने यह भी आरोप लगाया कि पोषण ट्रैकर ऐप की समस्याओं पर कई बार लिखित व मौखिक शिकायत दी गई, लेकिन समाधान नहीं हुआ
।धरना प्रदर्शन का मकसद इस एक दिवसीय प्रदर्शन के माध्यम से कार्यकर्ता सरकार और प्रशासन को अंतिम चेतावनी देना चाहती हैं। उनका कहना है कि अगर 13 अगस्त के बाद भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो आंदोलन को जिला व प्रदेश स्तर पर और व्यापक बनाया जाएगा।धरने में जिलेभर की सैकड़ों कार्यकर्ता और सहायिकाएं शामिल होंगी,
जिसमें पदाधिकारियों से लेकर कार्यकारिणी सदस्य तक मौजूद रहेंगे।जिलाध्यक्ष रेखा साहू ,जिला सचिव बिजलानी यादव,उपाध्यक्ष, कुंती सिन्हा,मुख्य सदस्य प्रेमिन चंद्राकर, महेश्वरी ध्रुव, लीना ध्रुव, चित्ररेखा ध्रुव,स्वर्णलता, रामहिं बघेल, शशि नागेश, कौशिल्या सिन्हा, मीना सौरी, प्रभा देवी यादव, नासीम बानी, गीतांजलि, अहिल्या चन्द्राकर, गोदावरी, लक्ष्मी सिन्हा, नीलांबरी ध्रुव, गीता, आरती ध्रुव, वर्षा सिन्ना, गीता कारीगर, लालती ठाकुर एवं समस्त कार्यकर्ता गण शामिल होंगे।
रिपोर्टर की टिप्पणी-गरियाबंद की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं सिर्फ बच्चों के पोषण और देखरेख का काम नहीं करतीं, बल्कि ग्रामीण स्वास्थ्य, शिक्षा और जनकल्याण योजनाओं की रीढ़ मानी जाती हैं। ऐसे में उनकी मांगें सिर्फ वेतन वृद्धि तक सीमित नहीं हैं, बल्कि काम करने की बुनियादी सुविधाओं, तकनीकी प्रशिक्षण और सम्मान से जुड़ी हैं।13 अगस्त का यह प्रदर्शन प्रशासन के लिए एक गंभीर संकेत है कि अब धैर्य की सीमा टूट रही है।
