देवरीबंगला / जर्जर सड़क व पंचायत के आश्रित गांव से परेशान सात गांवों के ग्रामीणों ने राजनांदगांव – अंटागढ स्टेट हाइवे पर सोमवार को टटेंगा मोड़ के पास दो घंटे चक्का जाम कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार सड़क की स्वीकृत होने के बाद भी पुनर्निर्माण नहीं किया जा रहा है। इससे राहगीरों को परेशानी हो रही है। चक्का जाम की खबर के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने पहुंचकर ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने जनवरी से सङक की राशि स्वीकृत कराकर कार्य प्रारंभ कराने के आश्वासन के बाद चक्का जाम स्थगित किया गया।

ग्राम पंचायत टटेंगा, भरदा (ट), हल्दी (ट), औरी, गंधरी, जेवरतला के ग्रामीण मेन रोड से ग्राम पंचायत भरदा तक चार कि.मी. का जीर्णोद्धार नहीं कराए जाने से परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि 25 वर्षों से कोई निर्माण व मरम्मत कार्य नहीं होने से आवागमन में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

उक्त सड़क मार्ग निर्माण व मरम्मत के संबंध में अनेको बार जनप्रतिनिधियों तथा संबंधित अधिकारीयो के पास आवेदन दिये जाने के बाद भी आज पर्यन्त तक कोई कार्यवाही नहीं की गई। ग्राम प्रमुख गेंदलाल देवांगन ने बताया कि आक्रोर्षित ग्रामीण व छात्र-छात्राएँ अपने मांगों को लेकर चक्काजाम करने मजबूर हुए हैं। एसडीएम शिव बघेल, तहसीलदार प्रीतम साहू, एसडीओपी देवांश सिंह ने पहुंचकर चक्का जाम कर रहे ग्रामीणों को समझाते रहे। जनवरी तक कार्य स्वीकृत कराए जाने का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर पूर्व कांग्रेस जिला अध्यक्ष चंद्रप्रभा सुधाकर, जिला कांग्रेस महामंत्री केशव शर्मा, पूर्व जनपद अध्यक्ष जागृत सोनकर, ब्लॉक अध्यक्ष कोदूराम दिल्लीवार, पूर्व जनपद सदस्य राजेश साहू , संजीव चौधरी, सरपंच हरदी हितेंद्र साहू, पूर्व सरपंच स्वतंत्र तिवारी, अध्यक्ष नरेंद्र मानिकपुरी, जनपद सदस्य रितु साहू, दीपक सिंह, भूपेंद्र साहू , बलराम साहू, थामन साहू , कालीचरण सिन्हा, ईश्वर साहू गीतू साहू, आदि ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
छात्र-छात्राएं नहीं पहुंची चक्काजाम स्थल ः-मुख्य मार्ग से टटैगा हरदी तक चार किमी सड़क अत्यंत जर्जर स्थिति में है। जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। खराब सड़क के कारण कई बार दुर्घटनाएं हुई है। इससे सर्वाधिक परेशानी हाई स्कूल जाने वाले छात्र-छात्राओं को है। हाई स्कूल की छात्र-छात्राएं चक्काजाम स्थल तक न जाए इसलिए स्कूल के मेंन गेट पर शाला प्रबंधन समिति द्वारा ताला लगा दिया गया। इससे ग्रामीण व छात्र-छात्राओं में आक्रोश है। ग्रामीणों के आंदोलन को समर्थन देने कई भाजपा नेता व जनप्रतिनिधि नदारद रहे।
