नौनिहालों के भविष्य पर ध्यान दें सरकार – मंगलमूर्ति

छग विद्यालयीन शिक्षक कर्मचारी संघ ने किया युक्ति युक्तिकरण पर एतराज़*

छुरा @@@@- यदि सरकार वास्तव में नौनिहालों का भविष्य संवारने के लिए प्रतिबद्ध है तो प्रदेश के शालाओं मे कक्षावार व विषयवार पर्याप्त संख्या में शिक्षक नियुक्त होना चाहिए,यदि इसके विपरित विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ करते हुए शिक्षकों की संख्या घटाने संबंधी युक्तिकरण जैसा कोई भी फरमान जारी किया जाता है तो इसका प्रत्येक स्तर में कड़ा विरोध होगा। छत्तीसगढ़ विद्यालय शिक्षक कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष मंगलमूर्ति ने संगठन के माध्यम से राज्य सरकार की नई युक्तिकरण नीति का तीव्र विरोध करते हुए नई शिक्षा नीति 2020 का स्मरण कराते हुए प्राथमिक शालाओं में प्रत्येक कक्षा के लिए एक शिक्षक तथा माध्यमिक शालाओं में विषयवार पर्याप्त शिक्षक नियुक्त किए जाने की मांग की है। इस संबंध में संघ के प्रांताध्यक्ष संजय तिवारी के नेतृत्व में संगठन की ओर से पत्र लिखकर बयान जारी कर कहा कि एक ओर सरकार शिक्षा में गुणवत्ता की बात करती है वहीं प्राथमिक माध्यमिक स्तर पर विषय वार एवं कक्षा वार शिक्षकों की संख्या निर्धारित करने के बजाय दर्ज संख्या के हिसाब से युक्तिकरण करने की प्रक्रिया अपना कर प्रधान पाठक के हजारों पदों को समाप्त करने तथा नवीन पदों की भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाने की अघोषित तैयारी में है।इस तरह सरकार सैकड़ों बेरोजगारों तथा कर्मचारी हित पर कुठाराघात करने का प्रयत्न कर रही है जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता ।शासन की युक्तिकरण नीति में विसंगति का आलम यह है कि 2020 की नई शिक्षा नीति में बालवाड़ी को भी प्राथमिक शालाओं से जोड़ा गया है किंतु युक्तिकरण में इस बात का भी ध्यान नहीं रखा गया है इसी तरह स्कूल शिक्षा विभाग ने अपने ही सेट-अप की धज्जियां बिखेर दी है।वर्तमान में जारी युक्तिकरण नीति शासकीय विद्यालयों को मध्यान्ह भोजन वितरण केंद्रों में तब्दील करने का घृणित प्रयास है ,अगस्त 2024 में जिस युक्तिकरण को स्थगित किया गया था उसे पुनः थोपा जा रहा है । बड़ा सवाल यह है कि!60 बच्चों पर एक प्रधान पाठक एक सहायक शिक्षक और पांच कक्षाएं एवं पांच विषय कैसे संभव है ?संघ के कन्हैयालाल, छगन लाल, बंशीलाल, उत्तम कुमार, गौकरण,बेदराम शत्रुघ्न यादव ,संतोष विश्वकर्मा,प्रकाश साहू ,पंकज दुबे सहित अन्य पदाधिकारियों ने इस युक्तिकरण नीति का तीव्र विरोध करते हुए इसे स्थगित करने की तथा लंबित पदोन्नति, क्रमोन्नति, स्थानांतरण,55% महंगाई भत्ता तथा प्रथम नियुक्ति तिथि से वरिष्ठता प्रदान करते हुए पेंशन दिए जाने की मांग की है ।

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