एक सुंदर शब्दों से पिरोया हुआ कविता, कवयित्री शालिनी यादव जी की ,,*मुझे संग पाओगे,,जानती हूँ मैं,,

शालिनी यादव के कलम से,,, मुझे संग पाओगे जानती हुँ मैंमुझमें वो पा ना सके तुमजिसे देखा करते थे ख्वाबों मेंकभी लाल साड़ी मे लिपटी...

छत्तीसगढ़ी लोककला मंच छेरछेरा का चार दिवसीय लोककला कार्यशाला का हुआ समापन

पाटन।छत्तीसगढ़ी लोककला मंच छेरछेरा का चार दिवसीय लोककला कार्यशाला का आयोजन पाटन के साहू सदन में किया गया। इस कार्यशाला का आज समापन हुआ। चार...

विश्वकर्मा जयंती पर नया बस स्टैंड में छतीसगढ़ी लोक झंकार की प्रस्तुति,,,राज मिस्त्री संघ का आयोजन

पाटन—राधाकृष्ण गणेशोत्सव समिति एवँ राज मिस्त्री पाटन के तत्वाधान में 17 सितम्बर विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर नया बस स्टैंड के गौठान में अहिवारा वालों...

मुख्यमंत्री निवास रायपुर में तीजा-पोरा का उत्सव

मुख्यमंत्री निवास में तीजा-पोरा तिहार शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनकी पत्नी मुक्तेश्वरी बघेल ने महादेव शिव की पूजा-अर्चना से पर्व की...

आइस्पेल के मंच पर महिलाओ के स्थिति पर सुधार एवँ सशक्तिकरण पर लेखिकाओं ने सुझाव दिए,,

इंडियन सोसाइटी फॉर द प्रमोशन ऑफ इंग्लिश लैंग्वेज एंड लिटरेचर (आइस्पैल इंडिया) के मंच पर साहित्यिक सत्संग में महिला सशक्तिकरण को साक्षात प्रमाणित करते हुए...

यादव समाज ने जन्माष्टमी पर राधा कृष्ण मूर्ति की स्थापना की संसदीय सचिव पंचगईया यादव समाज मनकी के कार्यक्रम में हुए सम्मिलित

देवरीबंगला / संसदीय सचिव व विधायक कुंवरसिंह निषाद शुक्रवार को ग्राम मनकी मैं राधा कृष्ण मंदिर के मूर्ति स्थापना तथा जन्माष्टमी पर्व कार्यक्रम में शामिल...

काव्य पठन का उत्कृष्ट कार्यक्रम काव्यमयी शाम आइस्पेल के मंच पर,,,

‘आजादी के अमृत महोत्सव’ पर देशभक्ति के जोश और जज्बे से ओत-प्रोत एक काव्यमयी शाम इंडियन सोसाइटी फॉर प्रमोशन ऑफ इंग्लिश लैंग्वेज एंड लिटरेचर (आइस्पैल...

आइस्पेल इंडिया के मंच पर प्रसिद्ध लेखिका किरण मनराल ने अपने प्रकाशित पुस्तक के बारे में चर्चा किया

जयपुर —इंडियन सोसाइटी फॉर द प्रमोशन ऑफ इंग्लिश लैंग्वेज एंड लिटरेचर (आइस्पैल इंडिया) के मंच पर सौ साहित्यिक सत्संग सफलतापूर्वक सम्पन्न होने के समारोह में...

डॉ शालिनी यादव की एक अलग से कविता,,किनारे से मिलने तरसती ,,,कश्ती

कश्ती डूब गई किनारे के दर्शनकभी तो मिलेंगेंइस इंतजार मेंभटकती रहीतार्किक विचारों केभंवर में घिरीएक कश्ती…भटकते हुएजब दूर कहीआभास हुआएक टापू कास्वप्न तैरने लगेकिनारे से मिलन केकश्ती की आंखों मेंचप्पू चलाते हुएतेजी सेलहरों के बहाव के साथअथाह समुद्र केआगोश मेंतुफानी लहरों के बीचकिनारे से मिलन कोतरसतीभटकतीकश्तीलिखकर देतीप्रेम पातीकिनारे की तरफबढतीहर छोटी बड़ी लहर कोकिनारे तक पहुंचाने के लिएदिल की बात…जब वो बहती जा रही थीउस झंझावत मेंसोचते हुएक्या किनारा भीकर रहा होगा उसका इंतजार?एक लहर आईकिनारे की खबर लेकरधीरे से कहा उसनेकश्ती के कान मेंखत लिखनाकिनारे कोअब बंद कर दोकिनारा बिल्कुल बदल गया हैंवहाँ अब बड़े बड़े जहाजऔर बहुत चहल पहल हैंकुछ नई कश्तियाँ बहुत करीबउसने दिल में बसाई हैंऔर छोटी बड़ी कई कश्तियांसीने पर उसके खेलने लगी हैंवो भूल गया हैंव्यापार की बढ़तीव्यस्तता मेंउस कश्ती कोजो लाती थी प्रेम स्वरूपकुछ मोती चुनकर संगउससे मिलने कोऔर भी बहुत कुछ कहती रहीवो लहरकिनारे के फैलतेकारोबार के बारे मेंपर कश्ती तब तकडूब चुकी थीउस भँवर मेंजिसका सामना करजाना चाहती थी वोदेने अपने किनारे कोकुछ विशेष मोतीभेंट में…

डॉ शालिनी यादव की समसामयिक कविता,,,”इलेक्ट्रॉनिक होती मोहब्बतें”

इलैक्ट्रॉनिक होती मोहब्बतें पहले पहल फेसबुक परफ्रैंड रिक्वेस्ट भेजनाफिर कोई उत्तर ना पाकरएक मैसेज भेजनाआप मुझे पसंद होक्या हम दोस्त बन सकते है? फिर फ्रैंड रिक्वेस्ट एक्सेप्ट कर लेने परसवालों की झड़ी लगानाकहाँ होक्या करती होशादी हो गई क्याकितने बच्चे हैंफिर फोन नम्बर माँगनाऔर झट से फोन मिलानाफोन पर बातों का सिलसिला चल पड़नाकुछ अपनी सुनानाकुछ उसकी सुननासब सपनें साझा करनामीठे झूठ की चाशनी में डुबो करभ्रमित स्नेह की मिठाई परोसनाफिर धीरे धीरे दिलों का धड़कना‘कुछ कुछ’ से ‘बहुत कुछ’ होने लगनाअकस्मात एक दिन पुछ लेनाकुछ भेजना चाहता हूँफिर जवाब का इंतजार किए बिना हीएक बिना शर्ट का फोटो भेज देनाकुछ पानी की...