पाटन।छत्तीसगढ़ी लोककला मंच छेरछेरा का चार दिवसीय लोककला कार्यशाला का आयोजन पाटन के साहू सदन में किया गया। इस कार्यशाला का आज समापन हुआ। चार दिनों तक कलाकारों ने फूहड़ता से दूर छत्तीसगढ़ के लोक कला की मर्यादा बनाए रखने तथा पाटन अंचल के 24 साल पुराने इस सांस्कृतिक संस्था का नाम पूरे देश मे रोशन करने का संकल्प लिया।
समापन पर इस अवसर पर मुख्य अतिथि दुष्यंत हरमुख ने अपने उद्बोधन में।कहा कि यह संस्था विगत 24 वर्षों से छत्तीसगढ़ी संस्कृति की छटा बिखेर रही है,एक दिन सबसे ऊंचा मुकाम हासिल करेगी
लोक कला मंच हमर छेरछेरा के संचालक टिकेंद्र वर्मा ने पिछले चार दिन से आयोजित कार्यशाला की जानकारी दी। अतिथि हेमंत देवांगन ने कहा कि जिसने अच्छा किया उसका अस्तित्व अभी भी कायम है। हमर हरेली के संचालक ने कला यात्रा को जारी रखा है। पाटन क्षेत्र का सबसे सक्रिय टीम व बहुत पुरानी टीम है छेरछेरा कार्यक्रम। उन्होंने कलाकारों से अपील की कि लोककला के माध्यम से हमारी संस्कृति को आगे ले जाएं। विशेष अतिथि बलराम यादव ने कहा कि कलाकार ही छतीसगढ़ की संस्कृति को आज जन जन तक पहुंचा रहा है। हमें गर्व है कि हम छतीसगढ़ में जन्म लिए हैं। संदीप मिश्रा ने कहा कि कलाकार का जीवन बहुत संघर्षमय रहता है। इसके बाद भी वे प्रत्येक अभिनय को जीते हैं। गंगादीन साहू ने कहा कि 25 वर्ष से टिकेंद्र वर्मा कलाकारों को आगे बढ़ाने का काम कर रहा है।
कलाकारों में रामेश्वर प्रसाद निर्मल (लेखक /गीतकार)
संतोष राशी (निर्देशक)
अरुण कृष्णा साहू (संगीतकार) चीवाराम ठाकुर श्री विवेक निर्मल (गायक)
मालती निषाद, कुकीर्ति विश्वकर्मा (गायिका)
रामेश्वर प्रसाद साहु पिलेश्वर साहू (नृत्य निर्देशक)
अन्तु पटेल, नेनूराम साहू (हास्य कलाकार), महेश यादव (बासुरी वादक)नकुल सोनवनी (चेन्नीवादक)
भागवार यादव (मोहरी चादक) चंदन तारक (पेटवादक) चन्द्रिका प्रसाद क्षत्रिय (नाल वादक) मनीराम साहू (ढोलक चादक) तुलाराम साहू (घुधरा वादक)नृत्य पक्षी शिवकुमार सेन मनोहर साहू, ताराचंद खिलारी, जशवन्त साहू भाव पक्ष कुदीप्ति यादव हितेश्वरी यादव कुजास्मीन रानी कु.निरूपमा, नीलू कु. उमेश्वरी, कु कविता सहित अन्य मौजूद थे।
