रोशन अवस्थी@देवभोग…. शासन-प्रशासन में जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग शिक्षा व्यवस्था में गुणवत्ता की लाख दुहाई दे.. गुणवत्ता के तरह -तरह के दावे करें.. लेकिन उनके दावों की पोल निष्टिगुड़ा के प्राथमिक शाला और हाईस्कूल में शिक्षकों के कमी को देखकर खुल जाती है… दोनों जगहों पर शिक्षकों की कमी है… ग्रामीण लम्बे समय से शिक्षक की मांग भी करते आ रहे है.. लेकिन उनकी मांग को हमेशा अनदेखा कर दिया गया है… ऐसे में ग्रामीणों ने एक बार फिर प्रभारी बीईओ देवनाथ बघेल को ज्ञापन सौंपकर वस्तुस्थिति की जानकारी देकर उन्हें मामले से अवगत करवाया है… ग्रामीणों ने बीईओ को सौंपे गए ज्ञापन में जिक्र किया है कि प्राथमिक शाला के 122 बच्चों के लिए दो शिक्षक है… वहीं शिक्षकों की कमी के चलते पढ़ाई व्यवस्था बहुत ज्यादा प्रभावित हो रहीं है…. ग्रामीणों ने बीईओ बघेल से यह भी कहा है कि शिक्षक के लिए लम्बे समय से ज्ञापन सौंपकर मांग किया जा रहा है… लेकिन उनकी मांग को जिम्मेदारों ने कभी ध्यान नहीं दिया… इसी के बदौलत बच्चों की पढ़ाई लगातार प्रभावित हो रहीं है… मामले में चर्चा के दौरान बीईओ ने बताया कि ग्रामीणों के द्वारा शिक्षक की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा गया है… ज्ञापन के आधार पर जल्द ही समस्या के निराकरण करने के लिए उचित कदम उठाया जायेगा….
हाईस्कूल के लिए एक शिक्षक -: यहां बताना लाजमी होगा कि हाईस्कूल के लिए एक ही शिक्षक की पोस्टिंग है… निष्टिगुड़ा में प्रफुल्ल ठाकुर प्रभारी प्राचार्य के रूप में पदस्थ है… प्रफुल्ल को पदस्थ हुए यहां लगभग 6 साल हो चुके है…. निष्टिगुड़ा आने के बाद वे भी कई बार शिक्षक के लिए पत्र-व्यवहार कर चुके है… लेकिन प्राचार्य के पत्र व्यवहार का कोई असर 6 सालों में नहीं हो पाया… इसी के मद्देनजर आज भी निष्टिगुड़ा हाईस्कूल में शिक्षकों की कमी है… किसी तरह शिक्षा दान करने वाला एक युवक रोज स्कूल पहुँचकर कुछ विषयों की पढ़ाई करवा देता है… जबकि मिडिल में पदस्थ एक शिक्षक समय निकालकर गणित के विषय की पढ़ाई करवा देते है… जिसके मद्देनजर किसी तरह हाईस्कूल के 9वी और 10वी के 102 बच्चों की पढ़ाई हो पाती है… हालांकि स्कूली छात्र-छात्राओं का कहना है कि शिक्षक नहीं होने से उनका पढ़ाई बहुत ज्यादा प्रभावित हो रहा है….
