अमलीपदर क्षेत्र ग्राम कुहीमाल निवासी आंखो की रोशनी गई तो, जन्म से नेत्रहीन-65 वर्षीय बुजुर्ग ने अपने हुनर को बनाया जीने का सहारा, दोनो आंखो से नेत्रहीन होने के बावजूद करते हैं बढ़ई कार्य
✍🏻 रिपोर्टर विक्रम कुमार नागेश गरियाबंद मैनपुर – मंजिल उन्हें मिलती है,जिनके सपनों में जान होती है,पंख से कुछ नहीं होता हौसले से उड़ान होती...
