भिलाई। एसोसिएशन आफ इंजीनियरिंग एंड पोलीटेक्निक कालेज टीचर्स (गजेटेड आफिसर्स) आफ छत्तीसगढ़ के प्रांताध्यक्ष शंकर वराठे ने बताया, दिनांक 9 जून को छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन की आपात बैठक कार्यालय छ. ग. प्रदेश तृतीय वर्ग कर्मचारी रायपुर में आहूत की गई । बैठक में फेडरेशन प्रांतिय संयोजक कमल वर्मा के साथ विभिन्न संगठनों के प्रांताध्यक्ष उपस्थित हुए।
प्रांतीय संयोजक की अध्यक्षता में विभिन्न संगठनों ने पूर्व में 10 जून से फेडरेशन द्वारा आयोजित आंदोलन को स्थगित करने का निर्णय लिया है।
विदित हो कि शासन के वित्त विभाग द्वारा विश्व महामारी कोरोनावायरस के कारण उपजे आर्थिक हालात से निपटने हेतु मितव्ययिता के नाम पर राज्य के कर्मचारीयों एवं अधिकारीयों की दो वार्षिक वेतन वृद्धि 1जुलाई 2020 तथा 1 जनवरी 2021से विलंबित किए जाने के आदेश 27 मई को जारी किए थे। इसके विरुद्ध, 28 मई को फेडरेशन के आव्हान पर एसोसिएशन आफ इंजीनियरिंग एंड पोलीटेक्निक कालेज टीचर्स (गजेटेड आफिसर्स) आफ छत्तीसगढ़ ने जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री व मुख्य सचिव के नाम से ज्ञापन सौंपकर आदेश निरस्त करने की मांग की थी। राज्य भर में हुई प्रतिक्रिया के फलस्वरूप, मुख्यमंत्री कार्यालय से चर्चा हेतु संघों के प्रतिनिधि मंडल को 4 जून को बुलाया था । प्रतिनिधिमंडल ने संयोजक कमल वर्मा के नेतृत्व में, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मुलाकात की।
प्रतिनिधिमंडल ने 1 जुलाई 20 एवं 1 जनवरी 21 को स्वीकृत होने वाले वार्षिक वेतन वृद्धि को विलंबित रखे जाने संबंधी वित्त विभाग के आदेश को वापस लेने का ज्ञापन मुख्यमंत्री को दिया है।
मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गौर से सुनकर,सकारात्मक निर्णय लेने का आश्वासन दिया है। मुख्यमंत्री से मिले आश्वासन पर आज बैठक में 10 जून से आयोजित आंदोलन को स्थगित करने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया।
श्री वराठे ने बताया कि मुख्यमंत्री ने फेडरेशन के ज्ञापन पर सकारात्मक निर्णय लेने हेतु आश्वस्त किया है। बैठक में सभी संघों के प्रांताध्यक्षो ने 30 जून तक प्रतिक्षा करने एवं आंदोलन को स्थगित करने का निर्णय लिया है।
इस पर एसोसिएशन के पदाधिकारियों डॉ शैलेन्द्र सिंह, हर्षल मोहिते सतीश कुमार ठाकुर एवं समस्त सदस्यों ने सहमति जताई है।
