रायपुर.कोरोना काल में छत्तीसगढ़ से अन्य प्रदेशों में पलायन किए मजदूरों कि बड़ी संख्या राज्य सरकार के विशेष पहल से अपने राज्य पहुंच चुकी है वही कुछ का अभी भी आना बाकी है यह आंकड़ा लगभग ढाई से तीन लाख का है। अपने राज्य में रोजगार के अभाव में रोजगार की तलाश मे अन्य प्रदेशों में विगत कई वर्षों से पलायन किए बड़ी संख्या में मजदूरों का आंकड़ा आने पर साहू समाज युवा प्रकोष्ठ रायपुर संभाग के अध्यक्ष एवं जिला कांग्रेस कमेटी रायपुर ग्रामीण के पूर्व महामंत्री एवं प्रवक्ता प्यारे लाल साहू ने पूर्ववर्ती भाजपा सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ से पलायन खत्म के दावे पर सवाल करते हुए कहा है कि अगर पलायन खत्म हो गए थे तो इतने सारे मजदूर कहां से आ गए हैं। पलायन किए इतनी बड़ी संख्या में मजदूरों के वापस आने से बीजेपी का झूठ एक बार फिर उजागर हुआ है इसके लिए प्रदेशवासियों को भाजपा से माफी मांगनी चाहिए।
श्री साहू ने कहा है कि छत्तीसगढ़ एक अमीर धरती है जहां विभिन्न प्रकार के खनिज संपदा का अथाह भंडार है। जल ,जंगल एवं जमीन से समृद्ध है यहां कई सारे उद्योग लगे हुए हैं लेकिन भाजपा सरकार अपने 15 साल के राज में आम मजदूर एवं किसान के हित के प्रति कभी सोचा ही नहीं यहां के उद्योगों में स्थानीय लोगों के लिए कोई नियम ही नहीं बनाया गया जिसका नतीजा रहा है कि यहां के उद्योगों में अन्य राज्यों के श्रमिक कार्यरत थे वही स्थानीय बड़ी संख्या में अन्य प्रदेशों में रोजगार के लिए पलायन को मजबूर थे जो कि एक बहुत ही दुखद एवं शर्मनाक है।
उन्होंने कांग्रेस सरकार की तारीफ करते हुए कहा है कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार आने के बाद भुपेश सरकार ने यहां के बेरोजगार की चिंता करते हुए स्थानीय उद्योगों एवं अन्य निजी उपक्रमों के लिए विधानसभा में प्रस्ताव पारित किया है जिसके तहत मजदूर (अकुशल) वर्ग के लिए शत-प्रतिशत, कुशल वर्ग के लिए 70% एवं मैनेजमेंट के लिए 40% रोजगार देने के लिए नियम बनाया गया है जिससे निश्चित ही वापस आए मजदूरों को अब यहां के स्थानीय उद्योगों में रोजगार मिल सकेगा।
