सीईओ से मुलाकात कर मजदूरी दिलाने की मांग की
पाटन। ग्राम सोनपुर में वर्ष 2014 से लेकर 2019 तक के रोजगार गायरन्टी में काम करने वाले मजदूरो को मजदूरी नही मिली है। पंचायत में काम करने वाले मजदूरो में कुछ मजदूरो की खाता में पैसा तो आया है लेकिन इन 5 वर्ष में 50 से अधिक मजदूरो के खाता में आज तक मजदूरी का राशि नही आया। आज इन मजदूरो ने जनपद पंचायत सीईओ को ज्ञापन सौपकर रुके हुवे मजदूरी दिलाने की मांग की है। मजदूरो ने बताया कि रोजगार सहायक की लापरवाही के कारण ही मजदूरो को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्राम सोनपुर में मनरेगा के काम करने वाले मजदूर आज पाटन जनपद कार्यालय पहुंचे, सरपंच गिटेश्वरी सिरमौर, राजेन्द्र निषाद, उपसरपंच व पंच अखिलेश मिश्रा के साथ ये सब मजदूर पहुंचे थे। सीईओ को बताया कि ये सब मजदूर का पैसा रुका हुआ है। किसी का चार दिन तो किसी का पंद्रह दिन की मजदूरी रुकी हुई है। जबकि जॉब कार्ड में सभी का मजदूरी भरा हुआ है। इसकीं भी जांच होनी चाहिए। इस अवसर पर पंच अखिलेश मिश्रा, सरपंच गितेश्वरी सिरमौर, राजेन्द्र निषाद, खुमान कुम्भकार , राजेन्द्र जांगड़े, उर्वशी जांगड़े, फुलमत, पूर्णिमा, होरीलाल, रूखमणी, लीला बाई, सन्तोष कुमार, तेजराम निषाद, पार्वती बाई, ललित कुमार, नारद, गोपाल यादव, पार्वती, टिकेश्वरी, देवनारायण, नीतू, ऋषि बाई, भागा बाई, ईश्वरी जांगड़े, कृष्णा बाई, टीजबती हेमाबाई, राकेश यादव, लोकेश्वरी गोश्वामी, राजनेद्र कुमार, उदय राम सहित अन्य मौजूद थे।
गौरतलब हो कि सोमवार को ग्राम सोनपुर की एक महिला द्वारा भी लगभग 3 साल की मनरेगा भुगतान नही होने की शिकायत की गई थी।मनरेगा मजदूर श्रीमती महेश्वरी निषाद का 2018 से अब तक का मजदूरी भुगतान किसी अन्य खाता में जा रहा था। अपने मजदूरी भुगतान के लिये महेश्वरी निषाद ग्राम पंचायत और जनपद पंचायत का का कई चक्कर लगा चुकी थी। इस खबर को वेब पोर्टल news24.com 3 जून के अंक में प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया गया था। जिसके बाद मामले को संज्ञान में लेते हुए कार्यक्रम अधिकारी जालम सिंह चन्द्राकर द्वारा देना बैंक पाटन को 4 जून को ज्ञापन दिया गया कि गलत खाता से राशि आहरित कर मुख्यकार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत पाटन के खाते में राशि अंतरित किया जाए। कार्यक्रम अधिकारी ने बतलाया कि 2018 में भी बैंक को राशि ट्रांसफर करने के।लिये लेटर लिखा गया था। लेकिन बैंक द्वारा संज्ञान में नही लिया गया। मेरे पदस्थपना के बाद हितग्राही द्वारा आवेदन देते ही तुरंत बैंक को राशि अंतरित करने ज्ञापन दे दिया गया है। जल्दी ही राशि मनरेगा मजदूर के खाते में जमा करवा दिया जाएगा।
