सेंटर फॉर इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी भिलाई द्वारा ‘कोविड के साथ भी कोविड के बाद भी’ पर नराकास स्तरीय वेबिनर


भिलाई.“कोविड-19 के इस जंग में एक बात सामने आई है, इस जंग को जारी रखते हुए हमें जीना पड़ेगा…जीवनशैली मे परिवर्तन लाना होगा ही, ताकि हम कोरोना के शिकार न बने. न्यू नॉर्मल के तहत -सोशल डिस्टन्सिंग, मास्क – नए जीवन शैली के अभिन्न अंग हो जायेंगे.”
ये विचारअनिर्बान दासगुप्ता, निदेशक परियोजनाएं तथा बिसिनेस प्लानिंग एवं सी.ई.ओ. भिलाई इस्पात सयंत्र, ने नरकास स्तरीय वेबिनर के उद्घाटन सत्र मे, अपने उद्बोधन मे रखी. इस दौरान, दासगुप्ता ने इस कठिन दौर में कैसे सभी सुरक्षा मापदंडो को ध्यान मे रखते हुए कार्य को अंजाम दिया गया, उस पर प्रकाश डाला. उन्होंने बताया की सभी कार्मिकों को हैण्ड सेनीटैज़ेर, मास्क का वितरण किया गया एवं सोशल डिस्टन्सिंग को पालन करते हुए उत्पादन को बनाया रखा.
इस वेबिनर का आयोजन सेंटर फॉर इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (सेट), भिलाई उप केंद्र ने 29 मई को अपराह्न किया था. वेबिनर का विषय था ”कोविड के साथ भी, कोविड के बाद भी”.
अनिर्बान दासगुप्ता, इस नरकास स्तरीय वेबिनर के मुख्य अतिथि थे. इस वेबिनर की अध्यक्षता जगदीश अरोरा, कार्यपालक निदेशक, सेट, ने की. हरीश सिंह चौहान, सहायक निदेशक (कार्यान्वयन) एवं कार्यालयाध्यक्ष, गृह मंत्रालय, राजभाषा विभाग, कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि थे.
वेबिनर के अध्यक्ष जगदीश अरोरा ने अपने संबोधन मे बताया की सेट द्वारा कोरोना वायरस के कारण लॉकडाउन को चुनौती की तरह लेते हुए कार्यों को सुगमतापूर्वक निर्वहन करने के लिए विभिन्न उपाय किये गए. जनवरी माह मे सेट द्वारा डिजिटल वर्किंग की दिशा में उठाए गए कदमों का कोविद काल में बहुत लाभ मिला. इनमे प्रमुख रूप से इन्टरनेट के माध्यम से कार्यालय मे उपलब्ध ड्राइंग और डॉक्यूमेंट तक लोगों को आसानी से पहुँच मिल सके. इसके अलावा , लॉकडाउन के दौरान, लोगों के उत्साहवर्धन के लिए कई वेबिनर भी किये गए. उन्होंने बताया कि सेट ने अपने कार्मिकों मे एक सर्वे भी कराया और वर्क फ्रॉम होम के फायदे और चुनौतियों के बारे राय मांगी.
हरीश सिंह चौहान, सहायक निदेशक (कार्यान्वयन) एवं कार्यालयाध्यक्ष, गृह मंत्रालय, राजभाषा विभाग, ने इस वेबिनर को राष्ट्रीय स्तर का बताया. उन्होंने ख़ुशी जाहिर की, कि बिना किसी आदेश व निर्देश के सेट ने ये वेबिनर का आयोजन किया, और यह एक अभिनव कदम है , तथा, न केवल भिलाई दुर्ग के अन्य संस्थानों के लिए अपितु पूरे मध्य प्रदेश एवं छत्तीसगढ़ के लिए भी अनुकरणीय सिद्ध होगा.
उदघाटन सत्र में, सेट भिलाई उप केंद्र के मुखिया, मुख्य महा प्रबंधक, श्रवण कुमर वर्मा ने अतिथियों / प्रतिभागियों को स्वागत करते हुए कहा की कोविद की इस चुनौती को सामना करने के लिए नयी प्रणाली की जरूरत है. हर संगठन की अपनी चुनौती थी और हम एक दुसरे से साझा कर सीखेंगे. उदघाटन सत्र के अंत में सौरभ कुमार राजा, महाप्रबंधक , सेट ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया तथा वेबिनर मे जुड़े सभी लोगों को अगले सत्र की जानकारी दी.
यह नरकास स्तरीय वेबिनर दो सत्रों मे आयोजित किया गया था. उद्घाटन सत्र के तुरंत बाद तकनीकी सत्र था. तकनीकी सत्र में नरकास दुर्ग भिलाई की विभिन्न संगठनों ने अपने विचार रखे. कैसे उनकी संगठन ने इस कोविद की चुनौती का सामना किया, क्या कदम उठाये गए, और आगे क्या करते रहेंगे.
नरकास की 17 संगठनों ने प्रस्तुतीकरण अथवा मौखिक विचार प्रस्तुत किये.
आयोजक संसथान सेट के अलावा नरकास के अन्य संगठन जिन्होंने इस वेबिनर में भाग लिया, उनमे 9 सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम थे – जैसे एन.एस.पी.सी.एल., भिलाई इस्पात संयंत्र, ऍफ़.एस.एन.एल, सेल रिफ्रैक्टरी यूनिट, केन्द्रीय विपणन संगठन, पॉवर ग्रिड कर्पोरेशन लिमिटेड, मेकन, आर.डी.सी.आई.एस., और राईट्स. केंद्र सरकार के 5 संसथान थे – ये थे जवाहर नवोदय विद्यालय, भारतीय डाक तार विभाग, केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, केन्द्रीय ऑडिट संगठन , एवं बी.एस.एन.एल..
इनके अलावा बैंकिंग क्षेत्र से बैंक ऑफ़ बड़ोदा, और बीमा क्षेत्र से युन्नाईटेड इण्डिया एस्योरंस भी शामिल थे.
तकनीकी सत्र की अध्यक्षता बी एम् राजन , महाप्रबंधक तथा बिसिनेस हेड, एनएसपीसीएल ने की. उन्होंने इस सत्रकी भूमिका बनाते हुए विद्युत् आपूर्ति की क्षेत्र मे जो चुनौतियाँ आई, और एनएसपीसीएल ने कैसे उनका सामना किया, इस बारे मे विस्तार से बताया.
भिलाई इस्पात संयंत्र के सत्यवान नायक ने सयंत्र द्वारा इस चुनौती से निपटने के लिए एवं कार्मिकों के मनोबल बनाये रखने के लिए किये गए उपायों पर प्रकाश डाला.
आयोजक संसथान सेट की ओर से, श्रीमती मंजू हरिदास महाप्रबंधक ने इस लॉकडाउन के दौरान सेट ने कस्टमर को जारी की जाने वाली सभी रिपोर्ट समय सीमा के भीतर भेजना कैसे सुनिश्चित किया,
इस पर प्रकाश डाला.

बैंकिंग क्षेत्र की चुनौतियों के बारे में बैंक ऑफ़ बड़ोदा की श्रीमती मनीषा चंद्रवंशी ने प्रकाश डाला, तथा बीमा क्षेत्र में लिए गए पहल के बारे में युन्नाईटेड इण्डिया एस्योरंस की श्रीमती भावना चांदवानी ने बताया.

इनके अलावा ऍफ़.एस.एन.एल. से छगनलाल नागवंशी, मेकन से अमित सिंह, जवाहर नवोदय विद्यालय से श्रीमती मंजू तिवारी, आर.डी.सी.आई.एस. से श्री पी.के. ठाकुर, भारतीय डाक तार विभाग से लोकपाल सिंह साहू, पॉवर ग्रिड कर्पोरेशन लिमिटेड से सुश्री अपर्णा, केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल से टी.एस. परस्ते, सेल रिफ्रैक्टरी यूनिट से चन्दन सिंह, राईट्स से क्रिश्नात्रय, केन्द्रीय ऑडिट से राकेश कुमार, केन्द्रीय विपणन से प्रशांत तिवारी और बी.एस.एन.एल. से श्रीमती अनुराधा धनाँक ने भी अपने विचार व्यक्त किये.
तकनीकी सत्र के अंत में श्री बी एम् तिवारी, पूर्व राजभाषा अधिकारी, भिलाई इस्पात सयंत्र ने पूरे सत्र का सार संक्षेप प्रस्तुत किया. आशीष शुक्ला, उप महाप्रबंधक , सेट ने अंत मे धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया.पूरे कार्यक्रम का संचालन श्रीमती पारामिता महंती, उप महाप्रबंधक , सेट तथा राजभाषा अधिकारी ने किया.

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