चप्पल पहनकर तिरंगे का पूजा करता हुआ शिक्षक का फोटो हो रहा है। वायरल

खबर हेमंत तिवारी छुरा/ 15 अगस्त यानि स्वाधीनता दिवस राष्ट्रीय पर्व जिसे पूरा देश, प्रदेश सहित हर शासकीय कार्यालय में जोश और शान से तिरंगा फहराया जाता है और सम्मान पूर्वक हर भारतीय के दिल में तिरंगे झंडे एवं शहीदों सहित महापुरुषों की प्रति सम्मान की भावनाए भी जुड़ी होती पर अगर कोई सरकारी कर्मचारी इस तिरंगे का और वहा रखे महापुरुषों का चप्पल पहन के पूजा पाठ करें तो इसे क्या कहा जाएगा क्योंकि हिंदू धर्म में किसी भी देवी देवता ,तिरंगा और सम्मानित कार्य को चप्पल पहन के नहीं किया जाता ।और ऐसा करना असोभनीय माना जाता है पर विकासखंड छुरा के ग्राम पंचायत गोंदला बाहरा के आश्रित ग्राम उलट पारा के एक प्राथमिक शाला स्कूल में प्रधान पाठक लक्ष्मी नारायण साहू चप्पल पहनकर तिरंगे झंडे और महापुरुषों के फोटो की अगरबत्ती से पूजा कर रहे हैं ।साथ ही आसपास और भी लोग है जो शायद नंगे पैर है। किंतु शिक्षक समाज के सम्मानित व्यक्ति होते हैं।जिसे हर कोई सम्मान की भावना से देखते है । पर जब यह शिक्षक चप्पल पहन कर तिरंगे की पूजा करे तो बात अलग हो जाता है । ऐसे में शिक्षक की इस कृत्य से बच्चे क्या सीखेंगे और समाज पर इसका क्या असर पड़ेगा।परंतु अपने मान सम्मान की जरा सी भी परवाह न करते हुए शिक्षक चप्पल पहनकर पूजा कर रहे हैं यह तस्वीर पूजा करते हुए गांव के किसी व्यक्ति ने लिया और सोशल मीडिया में वायरल कर दिया जब इस बारे में संबंधित शिक्षक से पूछा गया तो उन्होंने अपनी गलती स्वीकार करते हुए कहा कि आंगन बाड़ी कार्यकर्ताओ और मितानिनों के कहने पर मैं फोटो खिंचवाने के लिए आया था इसमें मेरी कोई गलती नहीं है हालांकि मैं इस कार्य के लिए शर्मिंदा हूं।फोटो में दिख रहा है उसे नकारा। नही जा सकता मैं चप्पल पहन के पूजा कर रहा हूं या सत्य है पर मैं शर्मिंदा हूं ।।इस प्रकार शिक्षक अपनी गलती भी मान रहा है और दूसरी तरफ गलती स्वीकार भी नहीं कर रहा है। ऐसे में इस प्रधान पाठक की हमारे देश के तिरंगे और देश के महापुरुषों के प्रति क्या भावना रखते है। ये तो वही बता सकते है।पर यह कार्य शिक्षा और शिक्षक जगत के लिए बहुत ही शर्मिंदिगी की बात है। ऐसे में अब।शिक्षा विभाग इस पर क्या-क्यार्रवाई करेंगे या फिर इसे भी हमेशा की तरह नोटिस थमा कर छोड़ो देंगे।क्यों की इस विकासखंड में इस प्रकार के स्कूलों से संबंधित कई मामले सामने आते जाते रहते है ।पर संबंधित को केवल नोटिस थमा कर अपने कर्तव्यों और दयित्यो से इति श्री कर लेते हैं ।अगर इस पर कार्यवाही होती है तो समाज और विभाग में एक अच्छा संदेश जाएगा । वा छबि धूमिल होने से कुछ तो बच जायेगा ।पर कारवाही नहीं होती हो तो इस विकासखंड के कार्यशैली पर सवाल उठते रहेंगे और जिससे जिम्मेदारों को कोई फर्क नहीं पड़ेगा ऐसा चलता रहेगा ।।,,,,,,,पर जब संकुल समन्वयक सजापाली प्रकाश ध्रुव से इस संबंध में पूछा गया तो उन्होंने अपनी मोबाइल खराब होने की बात कही और सोशल मीडिया में वायरल फोटो से अंभिज्ञता जाहिर की तथा जानकारी लेने के बाद मीडिया कर्मी को पूरी बात बताने की बात कही।।

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