रिलायंस फाउंडेशन द्वारा टिंड्डी नियंत्रण और बचाव के लिये जारी किया हेल्प लाइन नंबर

रायपुर. टिड्डी दल छत्तीसगढ़ राज्य में पंहुचने की संभावना है। टिड्डी दल का समूह दिखाई पड़ने अपने खेत के आस-पास मौजूद घास-फूस का उपयोग करके धुआँ करना चाहिए, जिससे टिड्डी दल आपके खेत में न बैठकर आगे निकल जाएगा। अपने खेत में पटाखे फोड़कर थाली बजाकर ढ़ोल नगाड़े बजाकर आवाज करे ट्रैक्टर के साइलेसंर को निकाल कर भी तेज ध्वनि कर सकते हैं। कल्टीवेटर या रोटोवेटर चलाकर के टिड्डी को तथा उनके अंडों को नष्ट किया जा सकता हैं। टिड्डी दल शाम को 6 से 7 बजे के आसपास जमीन या पेड़ों पर बैठ जाता है और फिर सुबह 8 से 9 बजे के करीब उड़ान भरता है। रासायनिक नियंत्रण के लिए अत: इसी अवधि में इनके ऊपर शक्ति (ट्रैक्टर) चालित स्प्रेयर की मदद से कीटनाशक दवाईयों का छिडकाव करके इनको मारा जा सकता है। रसायन के छिडकाव का सबसे उपयुक्त समय रात्रि 11.00 बजे से सुबह 8.00 बजे तक होता है टिड्डी के नियंत्रण हेतु डाईफ्लूबेनज्यूरान 25% डब्ल्यूपी 120 ग्राम या लैम्बडा-साईहेलोथिन 5% ईसी 400 मिली प्रति हैक्टेयर कीटनाकों का उपयोग किया जा सकता हैं। अधिक जानकारी के लिए आप रिलायंस फाउंडेशन हेल्प लाइन नंबर 1800-419-8800 में भी संपर्क कर सकते है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *