गौठान को सुचारू रूप से संचालन के लिये जानवरों के साथ मालिक के नाम का पंजीयन किया जाए, अश्वनी साहू ने CM बघेल से मिलकर गौठान के विषय मे किये चर्चा

पाटन.  ग्राम पंचायत पतोरा के पूर्व सरपंच अश्वनी साहू विगत दिनों प्रदेश के मुखिया भूपेश बघेल से  मिलकर गौठान और लावारिश जानवरों से किस तरह प्रबंध करें इस पर चर्चा किये। पूर्व सरपंच अश्वनी साहू ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए एवं अधिकारियों से अनुरोध करते हुए कहा कि गावों के घास या चारागाह जमीन को चिन्हांकित कर बारहमासी घास उगाने की प्रक्रिया मनरेगा मजदूरों से उगाने पर जोर दिया। गर्मी के समय मे सोलर पंप लगाकर घास उगाने की प्रक्रिया अपनाई जाए। कुछ दिनों से पाटन क्षेत्र के महिला समूहों के द्वारा साग सब्जी उगाकर कर स्वावलंबी बनने की खबर भी मिल रही है। उन्होंने कहा कि साग सब्जी उगाना बहुत अच्छी बात है पर गौठान समिति का मूल उद्देश्य धन्हा खेती औयर अन्य फसलों को जानवरों से बचाना है।  छत्तीसगढ़ राज्य के भूपेश बघेल सरकार की मह्त्वकांछि योजना नरवा, गरुवा ,घुरूवा, बाड़ी यह केवल नारा ही नही बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मूलभूत आधार है। गावों के अधिकतर रास्ते मे आवारा पशु घूमते या सड़को पर बैठे नजर आएंगे। वास्तव में सभी जानवर लावारिश नही है। गौठान समिति एवं ग्राम पंचायत के द्वारा मालिको के साथ कितने जानवर है उसका पंजीयन हो एवं अलग अलग चरवाहों के टेन में जानवर के सींगों में रंग रोगन किया जाए जिससे दूर से किसके टेन का जानवर है उसकी पहचान हो सके। साथ ही गांव में लावारिश या आवारा पशुओं की जानकारी  दिन बाद कितने लावारिश जानवर गावों में आये है । वारिस एव लावारिश जानवरों को हम नियंत्रित नही कर पाये तो हमारे किसान भाई अपने फसलों को बचा नही पाएंगे। 

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