रुही सरपंच भारती जांगड़े को हाई कोर्ट से मिली स्टे, अपने पद पर बनी रहेंगी

अज्ञातवास में रखा पंचो को, अविश्वास प्रस्ताव भी पारित हुआ लेकिन सरपंच पद से हटाने की खुशी पर रोक लगा दिया हाई कोर्ट ने

पाटन। कभी मैं अपने हाथों की लकीरों से नहीं उलझा
मुझे मालूम है क़िस्मत का लिखा भी बदलता है उक्त लाइने बशीर बद्र जी की जरूर है लेकिन आज ये लाइनें संवेदनशील ग्राम पंचायत रुही के सरपंच कुमारी भारती जांगड़े पर आज फिट बैठ रहा है।
जी हां तीन वर्ष के कार्यकाल में दूसरी बार रुही सरपंच के खिलाफ लाये गए अविश्वास प्रस्ताव बहुमत से सोमवार को पारित जरूर हो गया, अविश्वास प्रस्ताव पारित कराने पंचो को अज्ञातवास पर भी रखा गया, अविश्वास प्रस्ताव पारित होते ही पंचो ने अपनो के साथ रंग गुलाल लगाकर, हार माला पहनाकर खुशियां भी मनाई लेकिन मंगलवार को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने अविश्वास प्रस्ताव की कार्यवाही व पारित अविश्वास प्रस्ताव पर रोक लगाकर पंचो की खुशियों पर ब्रेक लगा दिया।
हाईकोर्ट ने सभी कार्यवाही पर रोक लगाते हुवे कुमारी भारती जांगड़े को सरपंच पद पर बरकरार रखा है। अविश्वास प्रस्ताव आते ही निर्वाचित सरपंच कुमारी भारती जांगड़े ने मतदान के पूर्व ही प्रस्ताव पर रोक लगाने वरिष्ठ अधिवक्ता बीपी सिंह के माध्यम से हाइकोर्ट में याचिका दायर की थी, मंगलवार को न्यायमूर्ति पी कोशे सेम की बेंच ने सुनवाई करते हुवे तर्क व तथ्यों को ध्यान में रखते हुवे अविश्वास प्रस्ताव की सम्पूर्ण कार्यवाही पर रोक लगाने का आदेश दिया है।
अधिवक्ता बीपी सिंह ने बताया कि फरार आरोपी उपसरपंच हितेंद्र पटेल के आपराधिक रिकॉर्ड जिसमें सरपंच भारती जांगड़े है उन सभी के सत्यापित दस्तावेज, सत्ता के दबाव में तत्काल अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान सम्मिलन बुलाना व सरपंच भारती जांगड़े को लगातार प्रशासन द्वारा उपेक्षित करना यह सभी स्थिति को लेकर हमने उच्च न्यायालय के समक्ष सम्पूर्ण कार्यवाही पर रोक लगाने निवेदन किये थे, माननीय न्यायालय द्वारा न्यायहित में फैसला दिया गया है ।
हाई कोर्ट के फैसला आने के बाद सरपंच ग्राम पंचायत रुही भारती जांगड़े ने आज अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पाटन कार्यालय में उपस्थित होकर इस के आदेश के संबंध में अपना शपथ पत्र प्रस्तुत किए है ।

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