रोशन सिंह@उतई। नवा अंजोर नाट्य संस्था बोरिगारका के तत्वाधान में 24 मार्च शुक्रवार से 28 मार्च मंगलवार तक प्रत्यके रात्रि 9 बजे से रात्रि 12 बजे तक होगी प्रस्तुति। ग्राम बोरिगारका शिक्षा के साथ रामायण व धार्मिक कथाओं पर आधारित लीलाओं के मंचन के सांस्कृतिक विरासत के लिये भी जाना जाता है।जो वर्तमान आधुनिक मनोरंजन व संचार साधनों के कारण विलुप्त की ओर है।अब इसके मंचन के लिये न कलाकार मिलते है न ही दर्शक।पहले हर गाँव गाँव में लीला मंडलीय होता था जो स्थानीय कलाकारों को एक मंच प्रदान करता था।तथा इन लीलाओं के नैतिक शिक्षा का असर हमारे बच्चों पर भी पड़ता था।हम सबको याद है महात्मा गांधी के जीवन में राजा हरिश्चंद्र की लीला देखर उनके जीवन में आमूल चूल परिवर्तन आया व उन्होंने सत्य के रास्ते पर चलने का संकल्प लिया व भारत के आजादी में प्रमुख भूमिका निभाया तथा उनका गांघी दर्शन आज के समय में प्रासंगिक है।तथा कलाकारों की बात करे तो आशुतोष राणा व पंकज त्रिपाठी जैसे उन्नत कलाकार भी इन्ही लीला मंडलियों की देन है।इन्ही सब भावनाओ को देखते हुए ग्राम बोरिगारका के गोविन्द सिंह सोंबेर व श्याम सुंदर गजपाल के संयोजन में नवा अंजोर नाट्य संस्था के संचालक डॉ खेमेश्वर वैष्णव के संचालन में यह इस सांस्कृतिक विरासत की पुणः जीवित करने का प्रयास किया जा रहा है।
दिनाक 24 मार्च शुक्रवार को धनुष यज्ञ लीला,25 मार्च शनिवार को रावण अहिरावण वध,26 मार्च रविवार को श्रीकृष्ण अवतार तथा 28 मार्च मंगलवार को जयद्रथ वध आदि लीलाओं का मंचन होगा। इस कार्यक्रम को प्रोत्साहित करने के लिये क्षेत्र के विधायक व छत्तीसगढ़ शासन के गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू,कांग्रेस कमेटी के प्रदेश महामंत्री जितेंद्र साहू,जिला पंचायत कृषि सभापति योगिता चंद्राकर,उतई नगर अध्यक्ष डिकेन्द्र हिरवानी,जनपद कृषि सभापति राकेश हिरवानी,कृषि उपजमंडी बोर्ड दुर्ग अध्यक्ष अश्वनी साहू,बोरिगारका सरपंच गूजेंश्वरी साहू,करगाडीह सरपंच घनश्याम गजपाल,पाउवारा सरपंच वामन साहू,डौकीडीह सरपंच मोहन चंद्राकर,कातरो सरपंच मंजू यदु,मतवारी सरपंच केशरी साहू,कोकड़ी सरपंच प्रमिला साहू,रिसामा सरपंच गीता महानंद,समाज सेवी रामसिंह सोंबेर व समाज सेवी वेदनारायण साहू आदि अतिथिगण समय समय पर अपना उपस्थिति प्रदान करेंगे।
