खनिज माफिया द्वारा जोरों पर की जा रही है अवैध मुरुम एवं रेत खनन

आशा शर्मा@सिहावा नगरी // खनिज विभाग के अधिकारियो के लापरवाही व क्षेत्र मे निरिक्षण नही करने के चलते यहा अवैध मुरूम व रेत का खनन जोरो पर चल रहा है जिससे आम लोगो मे यह चर्चा का विषय भी बना हुआ है की बगैर साठगांठ के यह कार्य संभव नही तभी तो खनिज माफिया बगैर भय के खुले आम यहा कार्य को अंजाम दे रहे जिसके चलते राजस्व की लाखो की आय का नुकसान हो रहा।
ठीक ऐसा ही मामला ग्राम घठुला बालका नदी मे देखने को मिला जहा मुख्य मार्ग साकरा से घठुला मे रेत माफिया द्वारा यहा बदस्तूर अवैध रेत का उत्खनन जोरो पर खुलेआम चल रहा है जिससे अब मुख्य मार्ग मे बने पूल के अस्तित्व पर भी खतरा मंडरा रहा है यहा बने पूल बहुत पुराना है और जर्जर भी हो गया है जहा रेत उत्खनन करने वाले इस पूल को भी नही बख्श रहे पूल के निचे से ही रेत खनन मे लिप्त है जिससे कभी भी इस पूल पर कोई बडा हादसा हो सकता है और यही नही कुछ लोग रेत के नाम पर अवैध उगाही भी कर रहे जो बकायदा नदी के पास खडे रहते है और जो भी गाडी आती है नदी से रेत भरने के बाद उससे चार सौ रूपय की रायल्टी भी ली जाती है और ये वसूली करने वाले इतने शातिर है की रेत का रायल्टी लेते हे मगर उन्हे रसीद नही देते जो यहा से अब तक लाखो रूपय वसूल भी कर चुके है और इनके आदमी बकायदा चौक चौराहे पर तैनात रहते है अगर कीसी अधिकारी की गाडी आती है तो फोन कर वहा लगे गाडियो को तुरंत हटवा देते है और जो नये अचानक कभी कभार आते है वही फंस।जाते है जिससे माफियाओ के हौसले बुलंद है।
सोनामगर मे ठेकेदार कर रहा जमकर मुरूम उत्खनन
वही सोनामगर मे एफ सी आई द्वारा करोडो की लागत से चावल गोदाम का निर्माण किया जा रहा जहा मैनेजर कवाटर व अहाता मे लाल ईट का उपयोग कर रहे कार्यवाही नही होने के चलते ठेकेदार का हौसला ईतना बुलंद हो गया की अब वो यहा समतलीकरण करने सैकड़ो ट्रीप मुरूम का उत्खनन बकायदा जेसीबी मशीन लगाकर कर कर रहा है अगर माईनिग अधिकारी यहा मुरूम खदान की जाच करते है तो घन मीटर के अधार पर खोदे हुए लम्बाई चौथाई के अधार पर लाखो रूपय की खनिज राजस्व की भी शासन को वसूली होगी मगर यहा कार्यवाही नही करना समझ के परे है।

क्षेत्र के हर नदियो से हो रहा उत्खनन

वही अवैध उत्खनन की बात करे तो उदन्ती सितानदी के अरसीकन्हार रेन्ज भी रेत उत्खनन का गढ माना जा सकता है यहा भी रेत माफिया रोजाना जंगलो की नदियो से अवैध रेत का उत्खनन कर रहे ऐसा नही की वन विभाग को जानकारी नही जिससे वन विभाग अधिकारी कर्मचारियो के भी मिलीभगत से इन्कार नही किया जा सकता जिससे आज जंगलो की नदियो की भी स्थिती दयनीय है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *