लखनपुरी में पहुंचा हाथियों का दल, क्षेत्र में अफरा-तफरी मची

आशा शर्मा@ सिहावा नगरी। ग्राम लखनपुरी मे रात मे शिकासेर दल के हाथियो के अचानक पहुचने ग्राम मे खलबली मच गई वही सुबह गाव मे मडई के आयोजन के चलते व्यपारी भी पहुच गये गये थे जहा।रात भर सभी दहशत मे थे हाथियो ने एक किसान का झोपडी भी तोड दिया वन विभाग के कर्मचारियो के पास हाथी भगाने समुचित लाईट की भी व्यस्था नही था जिससे ग्रामीण वन विभाग के कर्मचारियो के उपर उग्र हो गये थे
उल्लेखनीय है की शनिवार को लखनपुरी मे मडई का आयोजन रखा गया था जहा सभी घरो मेहमान भी पहुच गये थे और गाव मे खुशी का माहौल था जहा कुछ व्यपारी भी रात मे पहुच कर अपने दुकान लगाने मे व्यस्त थे की अचानक सिकासेर दल के लगभग पैंतीस हाथियो का झुण्ड गाव मे पहुच गया जिससे पूरे ग्राम मे अफरा तफरी का माहौल बन गया जहा ग्रामीणो ने बताया वन विभाग के कर्मचारी रात मे गजराज वाहन से पहुच तो गये मगर हाथियो को गाव से बाहर निकालने उनके पास समुचित व्यवस्था नही था यहा तक की उनके हाथो मे टार्च भी नही था मोबाईल के टार्च के सहारे खुद थे ऐसे मे हाथियो को गाव से क्या बाहर निकालते गजराज वाहन मे सवार हो कर सायरन बजाते बस।गाव के गलियो का चक्कर लगाते रहे जिससे पूरे ग्रामीणो मे वन विभाग के कर्मचारियो के कार्य शैली को ले कर उग्र हो गये जहा ग्रामीणो ने इकट्ठा हो कर बडा बडा मशाल जलाकर व पैरा को जलाकर पूरे ग्रामीण टार्च लेकर हाथियो को गाव से बाहर निकाले यही नही हाथी भी गाव से बाहर जाने के कुछ समय बाद वापस गाव मे फिर पहुच जाते यही सिलसिला चलता रहा और जहा रात भर ग्रामीण रतजगा करते रहे और हाथियो को गाव मे घुसने से रोके रहे जिसके चलते हाथी भी गाव मे सिर्फ एक ही झोपडी को तोडे थे और किसी प्रकार की नुकसान नही पहुचा पाये जहा ग्रामीणो की सूझबूझ के चलते किसी भी प्रकार के नुकसान और हाथियो से सतर्क रह कर गाव की सुरक्षा करते रहे

फरसगाव मे जमकर मचाया उत्पात
शनिवार को लखनपुरी मडई के चलते रात मे गाव कार्यक्रम व चहल पहल व माईक डीजे की अवाज के चलते रात मे हाथियो का दल गाव के आसपास मंडराता रहा मगर चहल पहल के चलते वह वापस अरसीकन्हार रेन्ज के फरसगाव पहुच गया व रात मे वहा हाथियो ने खेतो मे झोपडिया व सोलर पेनल के पाईप को नुकसान पहुंचाया जिससे गाव मे रात भर ग्रामीण डर के साये मे रात गुजारते रहे व गाव के मार्गो पर अलावा जलाकर हाथियो को गाव मे घुसने से रोके रहे यही कारण है की हाथियो ने खेत खलिहान मे बोर के साथ झोपडियो को तोड दिया

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