रायपुर। छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार वर्ष 2018 के चुनाव के पूर्व अनियमित कर्मचारियों के मंच में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवं स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव ठेका प्रथा प्लेसमेंट एवं आउटसोर्सिंग का सार्वजनिक रूप से विरोध किए थे। दुर्भाग्य का विषय है, कि विगत 4 वर्षों से यह उसी प्रकार लागू है। जैसे पूर्ववर्ती सरकार में लागू था। अब आज 19 दिसंबर से मेकाहारा में 12 सौ नर्सों की सीधी भर्ती आउटसोर्सिंग से किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने आरक्षण के कारण सीधी भर्ती न कर आउटसोर्सिंग में भर्ती कर सरकार और उच्च न्यायालय को चुनौती दी है तथा भर्ती का नया रास्ता निकाला है। जिसका कर्मचारी संघ ने विरोध किया है। छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के संरक्षक विजय कुमार झा एवं संभागीय अध्यक्ष संजय शर्मा ने मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल एवं श्री टी एस सिंहदेव के वक्तव्य एवं आश्वासन को याद दिलाते हुए छत्तीसगढ़ में ठेका प्रथा, आउटसोर्सिंग,प्लेसमेंट की कड़ी निंदा की है। लगातार कर्मचारी संघ में अनियमित कर्मचारियों के नेताओं द्वारा विरोध करने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग में आउटसोर्सिंग से 12 सौ जिसमें प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेज शामिल है। अकेले रायपुर मेकाहारा में 300 पदों पर भर्ती की जा रही है। इसी प्रकार अंबिकापुर, सरगुजा, जगदलपुर में भी आउटसोर्सिंग के सहारे आरक्षण व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए भर्ती जारी है। नर्सों की भर्ती की जा रही है। इसका अनियमित कर्मचारी एवं तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ ने विरोध करते हुए मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री से तत्काल इस पर रोक लगाने की मांग की है। अनियमित कर्मचारी महासंघ के संरक्षक गोपाल प्रसाद साहू, अध्यक्ष रवि गढ़पाले, संजय ऐड़े, प्रदेश अध्यक्ष बजरंग मिश्रा संघ के महामंत्री उमेश मुदलियार, संरक्षक अजय तिवारी, जिला शाखा अध्यक्ष रामचंद्र ताण्डी, आलोक जाधव, सी एल दुबे, पितांबर पटेल, राजकुमार शर्मा, सुनील जरौलिया, डां अरुंधति परिहार, काजल चौहान, नरेश वाढेर, प्रदीप उपाध्याय, विजय डागा, बी आर वर्मा, संजय झड़बड़े आदि नेताओं ने तत्काल आउटसोर्सिंग से नर्सों की भर्ती पर रोक लगाने की मांग की है।
