हेमन्त तिवारी पाण्डुका से ,,
पांडुका /एक बार फिर खनिज विभाग ने फटकार के बाद इस कार्यवाही को अंजाम देते हुय , दो चैन माउंटेन और दो हाइवा पर कार्यवाही की है । जिससे खनिज विभाग और जिला प्रशासन फुले नही समा रहा है । और इसे अब तक की जिले मे बड़ी कार्यवाही मानी जा रही है ।ऐसा नही है की खनिज विभाग के अधिकारी कर्मचारी अपनी सरकारी गाड़ी मे नही घूमते साहब और उसके कर्मचारियों को हमेशा सड़को मे आय दिन दीखते हि रहते है पर कार्यवाही कभी कभार हि शिकायत के बाद अगर साहब का मूड अच्छा हो तो कार्यवाही पक्का होता है ।पर बीते कुछ महीनों से ऐसे और रेत खदान है जो रात के अंधेरे मे पुरी रात पैरी नदी का सीना चिर कर रातो रात रेत निकाल रहे है । जो दिन मे तो मजदूरों से दिखावे के लिए हाइवा गाड़ी मे रेत् लोड करवाते है और फिर रात होते हि चैन माउंटेन से सैकड़ो ट्रिप रेत राजधानी तक पहुचा देते है । ऐसा बीते माह से सरकड़ा रेत घाट मे चल रहा है ।पर यह सरकड़ा घाट कलेक्टर साहब को आखिर दिखाई क्यो नही दे रहा है । शायद यह घाट भी ग्रामीणों के शिकायत का इंतिजार कर रहा है ।क्यो की बिना शिकायत कलेक्टर साहब भी कार्यवाही नही करेंगे । पर सप्ताह बाद ग्रामीणों को सूझी और अचानक तर्रा रेत घाट की शिकायत कर दी । यह तो खनिज विभाग की मजबूरी हि है की ना चाहते हुय भी बे मन से कलेक्टर साहब के कहने पर कार्यवाही करना पड़ा है । और लम्बे अंतराल के बाद खनिज विभाग ने अवैध रेत उत्खनन पर आखिर कार कार्यवाही, की रेत की अवैध उत्खनन करते हुए चार गाड़ी सील, कर दी जिसमे दो चैन माउंटेन व दो हाइवा है तथा, क्षेत्र में हो रही लगातार रेत की अवैध उत्खनन कलेक्टर की फटकार के बाद जिला खनिज अधिकारी ने यह कार्यवाही की जिले के तर्रा रेत खदान में हुई कार्यवाही, मे रेत माफिया द्वारा बिना लीज, बिना टेंडर व बिना रॉयल्टी के चल रही थी ।कुछ रेत खदान पर सवाल वही है क्या सरकड़ा रेत घाट पर कार्यवाही होगा या फिर रासुकदार रेत् मफियओ और खनिज विभाग की मिलीभगत से पांडुका पैरी नदी पुल के रास्ते और सरकड़ा घाट से रात भर ऐसे हि अवैध रेत खदान से रात के अंधेरे मे ये अवैध कारोबार चलता रहेगा ।या आज भी कलेक्टर साहब अपने जन दर्शन मे शिकायत का इंतिजार कर रहे है ।या फिर फिर खनिज विभाग फिर एक और फटकार की ??

