शिकसा ने भूले बिसरे गीत “मया पिरीत” का कियाआयोजन*

* दुर्ग शिक्षक कला व साहित्य अकादमी छत्तीसगढ़ के तत्वावधान में कला व संस्कृति के संर्वधन हेतु विलुप्त हो रहे छत्तीसगढ़ी गीतों को पुनः स्मरण करने व पहचान दिलाने गुरू घासीदास जयंती के अवसर पर आनलाइन छत्तीसगढ़ी भूले बिसरे गीत “मया पिरीत” का आयोजन संयोजक डाॅ.शिवनारायण देवांगन “आस” के संयोजन, दिनेश सोनवांन सहायक परियोजना अधिकारी समग्र शिक्षा जांजगीर चाम्पा के अध्यक्षता व विजय कुमार प्रधान कार्यक्रम प्रभारी के उपस्थिति में ने हुआ। कार्यक्रम को सरस्वती वंदना कुमुदनी शराफ शिक्षक बिरगहनी(च) जांजगीर, राजगीत रजनी साहू सहा. शिक्षक असौदा सक्ती ने प्रस्तुत कर किया । सर्वप्रथम संयोजक डाॅ. शिवनारायण देवांगन”आस”,प्रातांध्यक्ष कौशलेन्द्र पटेल, कोषाध्यक्ष बोधीराम साहू व कार्यक्रम प्रभारी विजय कुमार प्रधान, डाॅ.राघवेन्द्र राठौर जिलाध्यक्ष सक्ती, प्रीति चन्द्र मल्लिका उपाध्यक्ष महिला प्रकोष्ठ शिकसा ने अपना अपना विचार प्रगट किया । वही कार्यक्रम के अध्यक्ष दिनेश सोनवांन ने अपने उदबोधन में शिकसा के कार्यक्रम को सराहनीय बताते हुए अपने संस्कृति को बचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है जो बधाई के पात्र हैं । कार्यक्रम में मोहित कुमार शर्मा शिक्षक परसदा दुर्ग, संगम वर्मा, प्रमोद कुमार आदित्य प्राचार्य सिवनी चांपा जांजगीर, दिनेश कुमार दुबे उच्च वर्ग शिक्षक तखतपुर बिलासपुर, राम लाल कोशले प्रधान पाठक बछौद बलौदा जांजगीर, रामकुमार पटेल व्याख्याता सीपत, अश्वनी कुमार उइके सहा.शिक्षक सुल्ताननार, उषा भट्ट व्याख्याता जंजगिरी चरोदा, मुरीत श्रीवास प्रधान पाठक तालाब पारा असनींद बलौदाबाजार, शिवकुमार अंगारे से.नि. शिक्षक बंगला मटिया बालोद,कामिनी किरण साहू, सहा. शिक्षक मोहतरा कसडोल,देवनारायण राज प्रधान पाठक तलाईकुण्डी कोरबा, मनोहर लाल यादव प्रधान पाठक भिलाई बलौदा जांजगीर, ज्योति गजपाल व्याख्याता सुरही कांकेर, चेतन सिंह चौहान व्याख्याता आरंग, प्रकाश चन्द्र चेलक व्याख्याता रसमड़ा दुर्ग, शिवकुमार निर्मलकर सी.ए.सी. नारधा धमधा, गीतादेवी हिमधर व्याख्याता फरसवानी कोरबा, चितरंजन चौहान व्याख्याता जवाहर नवोदय विद्यालय सूरजपुर आदि ने पुराने गीत प्रस्तुत किया किया। कार्यक्रम का संचालन बोधीराम साहू प्रांतीय कोषाध्यक्ष शिकसा व आभार प्रदर्शन डाॅ. शिवनारायण देवांगन ‘आस’ ने किया ।

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