पाटन. समीप के गाँव बोरिद में तालाब की सफाई करने के नाम पर महज थोड़ी बहुत सफाई करके पानी खाली किया गया था लेकिन वहां पर सभी तरफ से जलकुंभी (बन) अभी भी दिखाई दे रहा है । जिससे लोगों को निस्तारी की समस्या सामने आ रही है आस पास के लोगो को निस्तारी ले लिए लम्बा सफर तय करना पड़ रहा है सफाई के नाम पर जलस्तर कम करने के बाद मछुआरों के द्वारा वहां पर मछली पकड़ने का ही कार्य किया गया है जिससे यह प्रतीत हो रहा है कि कुछ लोगो ने अपना उल्लू साधा है ।
कुछ दिनों पहले जलकुंभियों को तालाब से निकालने के लिए एवं सफाई के लिए पानी का स्तर कम किया गया ताकि सफाई में सुविधा हो लेकिन कुछ दिनों में सफाई कर रहे है ऐसे कह कर मात्र खाना पूर्ति किया गया नहर मार्ग से पानी आने पर उसी तालाब में पानी छोड़ा गया जिससे वहां स्थित जलकुंभी फैल गई । अभी की स्थिति में वहां लोगो के लिए निस्तारी की समस्या सामने आ रही है जिससे लोगो मे आक्रोश है निस्तारी कर लिय उनको लम्बा दूरी तय करना पड़ रहा है ।
विदित हो कि गांव का तालाब सरकारी रूप से है को लोगो के निस्तारी के साथ साथ मछुआरों को मछली पालन करने के लिए पंचायत द्वारा दिया जाता है लेकिन इस प्रकार की कार्य से मछुवारों ने मुह मोड़ लिया है ओर जनप्रतिनिधियों ने भी इस तरफ ध्यान नही दिया है ।
बता दे की ग्राम बोरिद में वार्ड क्रमांक 01 ,02 ,03 के सभी लोग इसी तालाब में निस्तारी के लिए आते है । वार्ड 01 के पंच देवेन्द वर्मा ने बताया की तालाब में सफाई करने की बात कह कर मछुआरों ने तालाब की सफाई नही की ओर आधे से ज्यादा जलकुंभी को तालाब में छोड़ दिए तालाब का जलस्तर कम करना केवल मछली पकड़ने जैसे कि प्रतीत हो रहा है। आज के समय में लोगो को निस्तारी के लिये समस्या का सामना करना पड़ रहा है ।
