पाटन। छत्तीसगढ़ की बाल कलाकार आरु साहू द्वारा जय हो छठी मैया गाने के विरोध करने वालों का जिला पंचायत सदस्य मोनू साहू ने विरोधियों के ऊपर प्रहार करते हुए कहा कि कोई भी कलाकार केवल एक बोली भाषा या एक राज्य का नही होता। कलाकार किसी भी भाषा मे गायन, नृत्य,अभिनय कर सकते है। कलाकार किसी एक बोली भाषा के बंधन में नही होता। आरु साहू ने बहुत कम उम्र में अपनी गायन के द्वारा छत्तीसगढ़ सहित पूरे भारत मे अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। कुछ लोगो द्वारा बेवजह उनका विरोध कर छत्तीसगढ़ की शान एक बाल कलाकार की प्रतिभा को रोकने का कुत्सित प्रयास किया जा रहा जो निंदनीय है। मैं आरु साहू की उज्वल भविष्य की कामना करते हुए उनकी समर्थन करता हु।
जिला पंचायत सदस्य मोनू साहू ने किया आरु साहू का समर्थन
