सांसद विजय बघेल ने CM भूपेश बघेल को चुनाव पूर्व छत्तीसगढ़ में पूर्ण शराब बंदी करने किये वादा को दिलाया याद,शराब बिक्री घोटाले का लगाया आरोप

दुर्ग. प्रदेश सरकार द्वारा 4 मई से शराब दुकान खोले जाने पर दुर्ग लोकसभा सांसद विजय बघेल ने कड़ी आपत्ति जताई है। सांसद विजय बघेल ने कहा कि शराब से कमाई करने के चक्कर मे प्रदेश सरकार लोगों की जान से खिलवाड़ करना चाहती है। कोरोना का खतरा अभी टला नही है इसलिये लॉकडाउन 17 मई तक बढ़ाई गई है। प्रदेश सरकार अपनी शराब प्रेम के चलते संवेदनहीन हो चुकी है। छत्तीसगढ़ इतना गरीब नही है की शराब की कमाई से चलाया जाए।

संसद विजय बघेल ने क्या कहा देखें वीडियो:-


सांसद बघेल ने कहा शराब से प्रतिवर्ष 5 हजार करोड़ रुपये का राजस्व मिलता है। जबकि बंद कर देने से प्रदेश में जो खुशहाली , पारिवारिक,शांति,सौहार्द्रपूर्ण वातावरण, आपराधिक घटनाओं में कमी के साथ साथ स्वास्थ्य सम्बंधी जटिल परेशानियों में कमी आने से उससे होने वाला लाभ 10 हजार करोड़ से भी अधिक का होगा। जिसका उदाहरण बिहार जैसे राज्य से लिया जा सकता है। सांसद श्री बघेल ने राज्य सरकार को सुझाव दिया कि लगातार 40 दिनों से अधिक समय से शराब दुकानें बंद रहने से सरकार को यह समीक्षा भी हो गई है कि शराब के प्रति बहुत अधिक आतुरता भी पीने वालों में नही है। यही उचित समय है कि पूर्ण शराबबंदी लागू कर छ्त्तीसगढ़ को नशा मुक्त राज्य बना आदर्श राज्य बनाया जा सकता है। जिसके लिए सत्ता में आने के पहले कांग्रेस पार्टी ने अपने घोषणा पत्र जारी करते समय गंगाजल की सौगंध लेकर पूर्ण शराबबंदी का वादा भी किया था लेकिन सत्ता में आने के बाद डेढ़ वर्ष में प्रदेश सरकार ने ऐसा एक भी कदम नहीं उठाया है जिससे यह प्रकट हो कि वह शराबबंदी की गंगाजल की शपथ पूरी करने के लिए प्रतिबद्ध है। अब जब प्रदेश सरकार ने कोरोना संकट में लंबे समय तक शराब दुकानें बंद रखी है तो इस शराबबंदी को आगे भी निरंतर चालू रखते हुए अपनी सौगंध निभाकर जनता का कर्ज चुकाए। जनता ने छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को बहुमत देकर शराबबंदी लागू करने का जो जनादेश दिया है उसका पालन करना कांग्रेस सरकार की जिम्मेदारी बनती है। शराबबंदी पर गंगाजल की झूठी कसम लेकर कांग्रेस ने प्रदेश की धर्मपरायण जनता की भावनाओं के साथ भी खिलवाड़ किया है। उन्होंने कहा कि यदि भूपेश सरकार ने शराबबंदी का अपना वादा नहीं निभाया तो वे स्थिति सामान्य होते ही वे स्वयं प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रबल विरोध प्रदर्शन करेंगे और प्रदेश सरकार को शराबबंदी के लिए विवश कर देंगे।

विजय बघेल ने शराबबंदी के दौरान प्रदेश सरकार के द्वारा शराब बिक्री घोटाला किए जाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जन चर्चा में यह बात सामने आ रही है कि लॉक डाउन के दौरान शराब की जबरदस्त अवैध बिक्री हुई है और वह शराब सरकारी दुकानों से उठाकर ही प्रदेश सरकार के संरक्षण में बेची गई है, ऐसे में प्रदेश सरकार को चाहिए कि वो प्रदेश की सभी दुकानों में लॉक डाउन 1.0 की शुरुआत में शराब दुकानें बंद करते समय का स्टॉक और 4 मई को दुकान खोले जाते समय का स्टॉक मिलान करें। यदि प्रदेश सरकार ऐसा नहीं करती है तो यह प्रमाणित हो जाएगा कि लॉक डाउन के दौरान जितनी भी अवैध शराब बेची गई है, वह स्वयं सरकार ने हीं बेची है और 4 गुना कीमत पर अवैध रुप से शराब बेचकर जमकर घोटाला किया है।

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