- अभी भी कई शिक्षक अपने मूल जगह में ही है पदस्थ..
रोशन अवस्थी@मैनपुर। छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग महानदी भवन नया रायपुर के आदेश क्रमांक ए एफ 2/77/ 2022 /20के तहत गरियाबंद जिले के ई संवर्ग एवं टी संवर्ग तृतीय श्रेणी कर्मचारियों का प्रशासनिक स्थानांतरण जारी किया गया था ।और जिले के प्रत्येक विकासखंड से इन शिक्षकों का तबादला हुआ है ।और विकासखंड स्तर पर ही बीईओ द्वारा ही इन शिक्षकों को रिलीव करने को आदेशीत किया गया है।
मगर बात करें मैनपुर विकासखंड के बी ईओ कि तो प्रशासनिक आदेश को एक और दरकिनार करते हुए स्थानांतरण हुए अधिकांश शिक्षको को उनके वर्तमान जगह से ही रिलीव नहीं किया गया हैं। प्रशासन के आदेश जारी हुए एक माह से ज्यादा होने को है लेकिन मैनपुर बी ईओ के द्वारा इन शिक्षकों को उनके नए जगह में अब तक भेजा नहीं गया है ।ना ही उनको उनके पुराने जगह से रिलीव कर दिया गया हैं।
स्थानातरण आदेश में स्पष्ट रूप से उल्लेखित है कि स्थानांतरण आदेश जारी होने के 15 दिवस के भीतर स्थानांतरण के पश्चात नवीन पदस्थापना स्थान पर कार्य ग्रहण करना अनिवार्य है ।और यदि कोई शिक्षक निर्धारित अवधि के भीतर यदि कार्यभार ग्रहण नहीं करता है तो संबंधित शिक्षकों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी ।लेकिन एक और प्रशासनिक आदेश को दरकिनार करते हुए मैनपुर बीईओ के द्वारा इन स्थानांतरण हुए शिक्षकों को जानबूझकर रिलीव नहीं किया गया है । इससे स्पष्ट जाहिर हो रहा है कि तबादला हुए शिक्षक व बी ईओ के द्वारा कुछ मिलीभगत सी चल रही है ।जिसके चलते मैनपुर बी ईओ के द्वारा इन शिक्षकों को अब तक नहीं रिलीफ किया जा रहा है।
जब इस संबंध में मैनपुर बी ईओ से जानकारी ली तो उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि मैनपुर ब्लॉक के 20 शिक्षकों का तबादला प्रशासनिक तौर पर हुआ है ।और 20 शिक्षकों में से मात्र तीन शिक्षकों को ही रिलीव कर दिया गया है ।लेकिन बाकी बचे शिक्षकों को अब तक रिलीव नहीं किया गया है। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहे कि जिला शिक्षा अधिकारी के द्वारा मौखिक रूप से कहा गया है कि जहां दो शिक्षक है उन्हें रिलीव नहीं किया जाए ।जिसके चलते बाकी शिक्षकों को रीलिव नहीं किया गया। इससे स्पष्ट जाहिर हो रहा है कि मंत्रालय आदेश को भी मैनपुर बी ईओ के द्वारा अवहेलना कर इन शिक्षकों को रिलीव नहीं किया जा रहा है ।और जिला शिक्षा अधिकारी के कोई लिखित आदेश के बिना ही मौखिक तौर पर कहने पर ही इन शिक्षकों को अब तक रिलीव नहीं किया जा रहा है। और प्रशाशनिक आदेश का पालन नहीं किया जा रहा है।
