क्या दशानन नाराज है? दश सिर नही जलने पर लिपिक निलंबित,,तीन को कारण बताओ नोटिस

,क्या दशानन नाराज हैं राजनेताओं को निपटाने का संकल्प लिया है। लेकिन नगर निगम धमतरी ने बाबू को निपटा दिया। छत्तीसगढ़ के इतिहास में दशानन के न जलने या क्षतिग्रस्त होकर गिरने पर उसके राजनीतिक अशुभ होने से जोड़ा गया है। किसी जमाने में कद्दावर नेता स्वर्गीय तरुण चटर्जी के कार्यकाल में डब्ल्यू आर एस में रावण गिरने से वे अगला चुनाव हार गए थे। इसी प्रकार पुनः रावण के न जलने व पुतला क्षतिग्रस्त होने पर श्रीचंद सुंदरानी को हार का सामना करना पड़ा था। 5 अक्टूबर 2022 विजयादशमी के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आतिथ्य में डब्ल्यू आर एस में रावण के पुतला को दहन करने का भरसक प्रयास किया गया। बार-बार बटन दबाएं गए किंतु दशानन नहीं जले सप्रे शाला मैदान में भी यही स्थिति निर्मित हुई कांग्रेस के कद्दावर नेता सुशील सन्नी अग्रवाल के सप्रे शाला मैदान में आयोजित रावण दहन में भी अनेक प्रयासों के बाद दशानन नहीं जले। अंततोगत्वा अनारदाना से जलाने का प्रयास किया गया। नए सिरे से सुंदर नगर में भी इस वर्ष दशानन दहन का आयोजन किया गया था। किंतु वहां भी दशानन के दहन ना होने से दोनों पार्टी के राजनेता चिंतित हैं। अति सर्वत्र वर्जयेत की भांति दशानन में राजनीति का खेल तब चिंताजनक हुआ, जब धमतरी के सीएमओ ने दशानन के 10 सिर ना जलने के लिए एक सहायक ग्रेड 3 श्री यादव को लिखित रूप से निलंबित कर तीन कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया। ऐसा लगता है कि छत्तीसगढ़ में रावण ने तहलका मचाकर परिवर्तन का संदेश दे दिया है। आम आदमी पार्टी के नेता विजय कुमार झा ने कहा है कि दशानन ने दोनों पार्टी के राजनेताओं को न जलकल अपने उपस्थिति व सम्मान का एहसास करा दिया है। ऐसा प्रतीत होता है कि इससे छत्तीसगढ़ राज्य में आम आदमी पार्टी की सरकार बनना सुनिश्चित है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *