ओवरलोडिंग का दंश :- क्षमता से दोगुने लौह अयस्क की भारी वाहनो से सड़कें हो रही खराब * ग्रामीण क्षेत्रों को मुख्यालय से जोड़ने वाली सड़कें बदहाल * बारिश रूकी फिर भी नहीं हुई मरम्मत *


देवरीबंगला / इस बार लगातार बारिश होने की वजह से मुख्यालय से जोड़ने वाली ग्रामीण क्षेत्रों की सड़को की हालत बदतर हो गई है। जबकि इस समय बारिश थम चुकी है। लेकिन इसके बावजूद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं किए गए हैं। इससे ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वही लौह अयस्क से भरी ओवरलोड गाड़ियो की आवाजाही जारी है। कारवाही से बचने के लिए ओवरलोड गाड़ियां ग्रामीण क्षेत्र की सड़कों से रायपुर -भंडारा हाईवे पर निकलता है। जिससे ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कें भी खराब हो रही है। ब्लाक व जिला मुख्यालय को जोड़ने के लिए सुविधाजनक प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़कों का निर्माण किया गया है। बारिश से खराब हुई जिन सड़कों का पेच वर्क किया गया है। उन सड़कों पर भारी वाहनों के निकलने से फिर खराब हो गई है। मुख्यालय से गांव को जोड़ने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना तथा लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत सड़कों का निर्माण किया गया है। जिनका निर्माण कार्य गुणवत्ता पूर्व नहीं होने के कारण कुछ समय बाद ही गड्ढों में तब्दील हो जाती है। इस वजह से लोगों को गड्ढों के कारण पहले से ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।।
ओवरलोड ट्रकों की आवाजाही बढ़ी :- दल्ली राजहरा से लौह अयस्क भरी 16 चक्का वाहन की आवाजाही बढ़ गई है। स्टेट हाईवे को छोड़कर ट्रके ग्रामीण क्षेत्र की सड़कों का उपयोग अधिक कर रहे हैं। ओवरलोड की कार्रवाई से बचने के लिए रायपुर तथा नागपुर की और जाने वाली गाड़ियां शॉर्टकट का उपयोग कर रही है। इससे ग्रामीण इलाके की सड़कें खस्ताहाल हो गई है। इसके अलावा रेत तथा मुरूम से भरे डंपर भी ग्रामीण सड़कों का उपयोग करते हैं।
लापरवाही : गड्ढे भरने में औपचारिकता :- विभाग द्वारा सड़कों में गड्ढों को भरने की औपचारिकता मात्र की जा रही है। लापरवाही इतनी अधिक है कि गड्ढों में गिट्टी व मुरूम डालकर छोड़ दिया गया है।
ये सड़कें हुई खराब :- राजनांदगांव से अंतागढ़ स्टेट हाईवे जगह-जगह क्षतिग्रस्त हुई है। यह मार्ग सीधे बस्तर को जोड़ता है। इसी प्रकार पसौद से अर्जुंदा 19 किमी, देवरी से डोंगरगांव 28 किमी,पसौद से भरदाकला 14 कामी सड़क मार्ग की स्थिति बेहद खराब है। कई बार पैच वर्क का काम किया गया। लेकिन अभी भी स्थिति खराब है। इस वर्ष की बारिश के कारण खैरा से राघौनवागांव, फरदफोङ से केवट नवागांव, नांहदा से खामतराई, टटैगा से सिबदी, सुरेगाव से झीटिया, गोङमर्रा से सुरेगाव मार्ग गड्ढों में तब्दील हो गया है। इन सड़कों का वर्षों पूर्व डामरीकरण हुआ था। इसके बाद विभाग ने कोई ध्यान नहीं दिया। अब सड़कों पर पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। पेचवर्क कराया जा रहा है :- सड़कों पर बारिश के बाद मरम्मत कराई जाएगी। कुछ स्थानों पर कार्य चल रहा है। कहीं-कहीं पर ग्रामीण सड़क खो देते हैं तथा कुछ सड़क मार्गों पर भारी वाहनों की वजह से स्थिति खराब हुई है। बी के गोटी, एसडीओ, पीडब्ल्यूडी बालोद

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