धोबी समाज दुर्ग जिला कार्यकरणी के पदाधिकारियों ने गबन के आरोप को बताया बेबुनियाद

पाटन। धोबी समाज पाटन राज के पदाधिकारियों के उपर विगत दिनों समाज के कुछ व्यक्तियों द्वारा आरोप लगा दिया था कि समाज के पैसे का गबन कर दिया गया है। उक्त आरोप पूरी तरह से गलत निकला।
समाज के जिला अध्यक्ष विष्णु निर्मल से बात करने से पता चला कि लगाए गए आरोप गलत व बेबुनियाद है। श्री निर्मल ने बताया कि जो राशि अंकित कर आरोप लगाया गया है वह गलत है। पूर्व कार्यकाल में जितनी राशि सोपी गई थी वह रजिस्टर रिकॉर्ड , बैंक स्टेटमेंट में दर्ज है और कुछ राशि हस्तगत है और बैंक स्टेटमेंट को देखने से पता चलता है कि आरोप गलत है । 5 लाख बैंक की राशि और 4.50 नगद की राशि बेबुनियाद और गलत है समाज मे इतनी राशि नही होना बताया गया ।

युवाअध्यक्ष उमाशंकर निर्मलकर ने कहा कि आरोप लगा कर लोग सामाजिक राजनीतिक छबि को धूमिल करने की कोसिस की जा रही है। मुख्यमंत्री को इस विषय की प्रतिलिपि भेजने की बात सामने आई है। श्री निर्मल ने कहा मुख्यमंत्री द्वारा धोबी समाज को हमेसा साथ लेकर चलते है और उन्होंने मंच से घोषणा की है कि रजककार कल्याण बोर्ड में पाटन से एक व्यक्ति को लेने की बात कही है । जिन्होंने आरोप लगाया है उन्होंने बहुत बड़ी साजिश के तहत ये आरोप लगाया है जो मिथ्या है । समाज मे प्रत्येक वर्ष हिसाब किताब के साथ ऑडिट की प्रकिया है। जिसे जनता के सामने आमसभा में हमेसा रखी जाती है जिन लोगो ने आरोप लगाया है उनके खिलाफ सामाजिक , और कानूनी कार्यवाही करने की बात कही है।

उपाध्यक्ष निर्मलकर ने कहा कि गलत आरोप लगाने वाले के खिलाफ मनिहानी का दावा ठोकने की प्रकिया करने की बात कही है ।सूरज निर्मलकर द्वारा प्रेस विज्ञप्ति में अनर्गल आरोप लगाते हुए धोबी समाज पाटन राज के पदाधिकारियों के उपर लगाया है वो बेबुनियाद है और उनके उपर उचित कार्यवाही की जावेगी।

भूतपूर्व अध्यक्ष जिला संरक्षक पोसुराम निर्मलकर ने बताया कि सामाजिक लोकप्रियता को देखते हुए गबन का आरोप लगाना सोची समझी साजिश है ।
जितने भी लोगो ने गलत आरोप लगाया है उसके उपर कड़ी कार्यवाही की जाएगी साथ कि बिना तथ्य को जाने जिन पत्रकार ने यह खबर प्रकाशित किया है उसके उपर भी कार्यवाही की मांग करेंगे।
सामाजिक जिला सचिव देवधर ने कहा कि उक्त बातों से स्पस्ट है कि समाज मे हिसाब किताब सही है कही भी गबन नही किया गया है और आने वाले सामाजिक अधिवेशन में इस वर्ष की सम्पूर्ण आय व्यय की जानकारी वार्षिक अधिवेशन में सामाजिक पटल पर रखा जाएगा।

समाज के ऑडिटर नंदकुमार निर्मल ने बताया की 5 वर्ष से लगातार ऑडिट कर रहे है । कही भी इतनी बड़ी राशि का उल्लेख नही पाया है पूर्व पदाधिकारी के द्वारा दिये राशि 1,67095 ही पाया है । जो भी आरोप लगाए है वो गलत है

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *