रोशन अवस्थी@देवभोग… ब्लॉक के नवीन सुकलीभाठा पंचायत के आश्रित ग्राम टोंगसीपारा का प्राथमिक शाला भवन बदहाली का आंसू बहा रहा है.. शाला भवन की छते इतनी ज्यादा कमजोर हो चुकी है कि बारिश में लगातार कमरों में पानी टपकने लगता है… वहीं छत के छड़ो में भी जंग लग चुका है.. और वह कमजोर पड़ने लगा है… ऐसे में छत का स्लेब भी पपड़ी के रूप में तब्दील होकर उखड़ने लगा है… शाला भवन का छत विगत चार वर्षों से जर्जर स्थिति में है,गॉव की सरपंच प्रमिला बीसी, पूर्व सरपंच दयाराम बीसी, ग्रामीण रूद्र निधि और वेनु यादव की माने तो जर्जर छत को सुधारने के लिए जिम्मेदारों के पास कई दफा आवेदन कर चुके है… आज चार साल बीत गए लेकिन जिम्मेदारों ने ध्यान देना उचित नहीं समझा… समय पर मरम्मत नहीं होने के कारण आज शाला भवन के छत ने जवाब देना शुरू कर दिया है.. ऐसे में अब गॉव के लोगों ने निर्णय लिया है कि जल्द ही कलक्टर से मुलाक़ात किया जायेगा और उन्हें वस्तुस्थिति से अवगत करवाते हुए उनसे अनुमति लिया जायेगा कि बरसात के दिनों में शाला भवन के छत में तालपतरी डालने की अनुमति दी जाये… ताकि बच्चों को बारिश में टपकते पानी के बीच संघर्ष करके पढना ना पड़े… ग्रामीणों ने बताया कि पुरे टोंगसीपारा के ग्रामीण चंदा करके तालपतरी का व्यवस्था करेंगे और उसे शाला भवन के छत में डालेंगे…

बारिश के दिनों में बना रहता है डर-: टोंगसीपारा प्राथमिक शाला में पहली से लेकर पाँचवी तक कुल 45 बच्चे दर्ज़ है… वहीं बारिश होते ही यहां के पालकों में डर समा जाता है कि शाला भवन में टपकते छत के बीच बैठकर पढ़ रहे बच्चे कभी कोई हादसे का शिकार ना हो जाये… बच्चों के पालकों की माने तो शाला भवन की जर्जर छतों को देखकर उन्हें भी डर सताता है कि कभी कोई अप्रिय घटना ना घट जाये… यहां बताना लाजमी होगा कि बारिश होते ही कई परिजन डर के चलते बच्चों को पढ़ाई के लिए शाला नहीं भेजते…
मरम्मत के लिए करवाएंगे राशि की स्वीकृति-: मामले में जिला पंचायत उपाध्यक्ष संजय नेताम ने कहा कि ग्रामीण यदि शाला भवन में तालपतरी डालने की मांग को लेकर कलक्टर से मिलने वाले है… तो यह बड़ी विडंबना है, इस मामले को लेकर मैं जल्द ही जिले के कलक्टर से चर्चा करूंगा… और मेरी कोशिश रहेगी कि जल्द से जल्द इसमें मरम्मत के लिए राशि स्वीकृत भी हो जाये….
