रायपुर। पूरा देश 76 वेें स्वतंत्रता दिवस तथा आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है चारो दिशा में खुशी ही खुशी दिख रही है किन्तु छ.ग. राज्य के लगभग 25 से 30 हजार दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी आज भी मायूस और चिंता की मुद्रा में बैठे है, क्योकि इनके द्वारा विगत कई वर्षाे से चली आ रही नियमितिकरण की मांग आज ही पूरी नही हुई। दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों द्वारा नियमितिकरण की मांग को लेकर लगातार सरकार से गुहार लगा रहा है किन्तु भूपेश सरकार इस दिशा में निरंकुश बैठी है।
लगता है कि नियमितिकरण का मुद्दा केवल चुनावी गेम बन कर रह गया है। वर्तमान में भूपेश सरकार ने भी नियमितिकरण के ज्वलंत मुद्दे को अपनी राजनीतिक फायदे के लिये जन घोषणा पत्र में शामिल किया और हाथ में गंगाजल लेकर 10 दिवस के भीतर नियमितिकरण करने का वादा किया गया। इसका फायदा सरकार को मिला और पूर्ण बहुमत के साथ यहा कांग्रेस सरकार बनी।
किन्तु सरकार के बनते ही कांग्रेस अपनी इस वादें को भूल गयी है या जानबुझकर ध्यान नहीं दे रही है एवं दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के बेवकूफ बनाने के लिये मात्र एक समिति का गठन कर दिया गया है, समिति भी ऐसे अधिकारियों/ कर्मचारियों की बनायी गयी है जो अत्याधिक धीमी गति से कार्य कर रहे है। समिति द्वारा लगभग 3 1/2 वर्ष से भी अधिक समय हो जाने के उपरांत भी एक निर्णय नहीं ले पायी, केवल समय व्यतीत कर रही है। यह राज्य सरकार और यहा के अधिकारियों के निरंकुश प्रवृत्ति को दर्शाता है।
जब संघ एवं विपक्ष नियमितिकरण के मुद्दे को लेकर सड़क से लेकर सदन में याद दिलाता है तो मुख्यमंत्री द्वारा केवल एक रटा रटाया उत्तर, की समिति का निर्णय प्राप्त नहीं हुआ है, महाधिवक्ता का अभिमत नहीं हुआ है तथा विभाग से जानकारी मंगाया जा रहा है विगत 03 वर्षाे से यही बताया जा रहा है। यदि सरकार चाहे तो नियमानुसार पूर्व की भांती दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों का तत्काल नियमितिकरण कर सकती है किन्तु सरकार जानबुझकर नियमितिकरण के मुद्दें को लेकर निरंकुश, बहरी और गुंगी हो गयी है।
संघ के प्रातांध्यक्ष मिलाप चंद यादव/महामंत्री निशांत राज दुबे/जिलाध्यक्ष कुलेश्वर साहू ने बताया कि संघ द्वारा नियमितिकरण के मुद्दे को लेकर वर्तमान में प्रत्येक मंत्रीयों का निवास स्थान घेरकर सीधे मंत्रीयों से जवाब मांगा जा रहा है इस कडी में 03 मंत्रीयों का निवास घेराव किया जा चुका है एवं उनके द्वारा नियमितिकरण का प्रस्ताव शासन के समक्ष रखने का आश्वासन दिया गया है वर्तमान में 10 सितम्बर 2022 को श्री रविन्द्र चौबे जी का निवास का घेराव प्रस्तावित हैै।
संघ का मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस सरकार से अनुरोध है कि दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी के साथ किये गये नियमितिकरण के वादों का पूर्ण करने हेतु जल्द घोषणा किया जायें ताकि दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी एवं यहा की जनता का कांग्रेस सरकार पर भरोसा हो सकें। यदि सरकार नियमितिकरण के मुद्दे पर निरंकुश रवैया अपनाती है और नियमितिकरण नहीें करती है तो संघ द्वारा जल्द ही काम बंद कर उग्र आदोलन किया जायेगा। जिसकी संपूर्ण जवाबदारी सरकार की होगी।
