- गर्मी और मच्छर से परेशान हो रहे है लोग
पाटन। विकास खण्ड पाटन के सेलूद में हल्की बूंदाबांदी के शुरू होते ही सब स्टेशन के अंतर्गत जिन गावों में बिजली आपूर्ति की जा रही है उन सभी गावों में बिजली आपूर्ति ठप्प हो जाती है।
हालांकि बिजली विभाग के कर्मचारी बिजली आपूर्ति बहाल करने की कोशिश तो करते है लेकिन कर्मचारियों की कमी के कारण बिजली आपूर्ति तुरंत बहाल नही हो पाती।
दिन में बिजली बंद होने पर जैसे तैसे गुजारा कर लेते है। लेकिन रात में बिजली आपूर्ति नही होने से उमस और मच्छरों के कारण रतजगा करने में मजबूर हो जाते है।
दिन में कई बार होती है बिजली बंद
बारिश होने या हवा चलने पर तो बिजली आपूर्ति तुरंत बंद कर दिया जाता है। सेलूद फीडर में तो दिन में भी बिजली की आंख मिचौली चलते रहती है। जिसके कारण इलेक्ट्रिक के भरोसे व्यवसाय करने वाले व्यापारियों को काफी नुकसान उठाना पड़ता है। बार-बार बिजली बंद होने से इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी खराब हो रहे है।
बिजली न आने से परेशान हो रहे लोगों ने बिजली कंपनी के जिम्मेदार अधिकारियों को फोन लगाये जाने उनके द्वारा कॉल रिसीव नहीं किया जाता। हालात यह है कि घर के अंदर गर्मी और बाहर बैठने पर मच्छर परेशान कर रहे है। जिसके चलते परेशान लोग नींद के झोंके में बिजली कंपनी के जिम्मेदारों को कोस रहे है।
सालभर मेंटेनेंस, फिर भी अंधेरे में
बिजली कंपनी का पूरे साल मेंटेनेंस चलता है। मेंटेनेंस के नाम पर हर दिन कुछ चिह्नित क्षेत्रों में 4 से 6 घंंटे बिजली सप्लाई रोकी जाती है। बड़ा सवाल यह भी है कि जब साल भर मेंटेनेंस होता है, तो विद्युत उपकरणों में हल्के से मौसम के बदलाव में फॉल्ट नहीं होना चाहिए, लेकिन यहां तो हो रहे हैं और लोग उमस भरी गर्मी में पसीना-पसीना हो रहे हैं।
