कर्मचारी चुनाव के वक्त सरकार बनाने में भूमिका निभा सकती है, तो गिराने में भी हो सकता है बड़ी भूमिका

  • अधिकारी-कर्मचारी आंदोलन के माध्यम से दिखा रहे आक्रामक तेवर

डौंडी। एक ओर कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन का पाँच दिवसीय आंदोलन तो दूसरी ओर छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन व शालेय शिक्षा संघ की अनिश्चित कालीन हड़ताल से डौंडी ब्लाक के समस्त शासकीय कार्यलयों का कामकाज व स्कूलों में बच्चों की अध्यापन कार्य जमकर प्रभावित हो रहा है। वही उक्त फेडरेशन और एसोसिएशन व शिक्षक संघ की संयुक्त दो सूत्रीय मांग का निराकरण आंदोलन के दूसरे दिवस भी नही हो पा रहा है। जिससे नाखुश आंदोलन कारियों के दल प्रमुखों ने दूसरे दिवस मुख्यमंमत्री, मुख्य सचिव नवा रायपुर, वित्त विभाग सचिव नवा रायपुर, सामान्य विभाग सचिव नवा रायपुर के नाम अपनी मांगो का ज्ञापन क्षेत्र के एसडीएम को सौपा गया। ज्ञात हो कि कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन अपनी मांगों के संदर्भ में 25 जुलाई से 29 जुलाई तक निश्चित कालीन आंदोलन कलम रख काम बंद में दो सूत्रीय मांग पर कर्मचारियों द्वारा ब्लॉक इकाई -डौंडी में प्रदर्शन कर रहे है । द्वितीय दिवस दिनांक 26/07/2022 को आंदोलन में प्रदेश सरकार के खिलाफ इन्होंने जमकर रोष व्यक्त किया गया । इसी क्रम में छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के ब्लाक सयोजक सच्चिदानंद शर्मा ने कहा आज राज्य की स्थिति ऐसी है कि अभी सभी स्कूलो में अध्यापन व्यवस्था ठप्प पड़ गया है जिससे बच्चो की पढ़ाई का नुकसान हो रहा है। सभी कार्यालय के कामकाज भी बंद पड़े है। जिससे आम लोगो को समस्यायों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा सरकार की वित्तीय स्थिति मजबूत होने के दावे बोलती है कि छत्तीसगढ़ जीडीपी भारत देश में सबसे मजबूत है। लेकिन अपने कर्मचारियो को महंगाई भत्ता, मकान भाड़ा भत्ता देने के लिए मौन साध लेता है। आंदोलन को संबोधित करते छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक फेडरेशन के ब्लॉक अध्यक्ष प्रह्लाद कुमार कोसमार्य ने कहा एक कर्मचारी कैसे सरकार बना सकती है और कैसे सरकार गिरा सकती है इसका गणित उन्होंने बताया। उन्होने कहा सरकार अपनी मंत्रियों विधायकों का वेतन तत्काल प्रभाव से बढ़ा लेता है वही कर्मचारीयो की बात आती है तो कुछ भी नही मिलता। सरकार की इस रवैए से सभी कर्मचारियों में बहुत रोष व्याप्त है। कहीं ऐसा ना हो कि इस आंदोलन का असर आने वाले चुनाव में सरकार को भारी ना पड़ जाए। अभी भी राज्य सरकार के पास समय है हमारी मांग को तत्काल पूरा करे। हम अपने कामों में लौट जाएंगे।अभी प्रदेश के 76 कर्मचारी अधिकारी संगठन इस हड़ताल में शामिल है।
मंच संचालन छ ग सहायक फेडरेशन के उपाध्यक्ष बसंतमणी साहू ने किया |
मंच को शिव कुमार चौरके , मोना रावत, नीलिमा दत्ता, जनक सोनवानी, बी.के.छेदैया, सोन सिंह दुग्गा, अजित तिवारी, मंजू लाल धनकर, रेखू राम साहू और भुवन लाल सिन्हा ने भी संबोधित किया। इधर छ. ग. टीचर्स एसोसिएशन व छत्तीसगढ़ शालेय शिक्षक संघ से गजेंद्र रावटे के नेतृत्व में दो सूत्रीय मांगों का ज्ञापन राज्य शासन व मुख्य सचिव के नाम तहसीलदार और एसडीएम को सौपते हुए मांग के संदर्भ में अतिशीघ्र निर्णय लेने का आग्रह किया गया है। उक्त संघ ने चेतावनी दिया है कि यदि शासन प्रशासन मांगो की अनदेखी करती है तो आंदोलन और उग्र प्रदर्शन किया जावेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *