कांकेर । छत्तीसगढ़ कर्मचारी फेडरेशन आव्हान पर प्रदेश कर्मचारी संगठन अपनी दो सूत्रीय मांगों के समर्थन में दिनांक 25 जुलाई से 29 जुलाई 2022 तक अनिश्चितकालीन आंदोलन में सम्मिलित होंगे छत्तीसगढ़ कर्मचारी संघ के संभागीय अध्यक्ष दीपक झा एवं जिलाध्यक्ष धनराज टांडिया एवं वरिष्ठ उपाध्यक्ष हेमंत टांकसाले के द्वारा प्रेस विज्ञप्ति जारी कर अवगत कराया गया है कि केंद्र के समान 34% प्रतिशत महंगाई भत्ता एवं केंद्र के समान मकान किराए भत्ता की मांग को लेकर प्रदेश के लगभग 80 कर्मचारी संगठनों के लगभग चार लाख कर्मचारी एवं शिक्षकगण 5 दिनों की निश्चित कालीन हड़ताल पर रहेंगे। प्रदेश सरकार के द्वारा कर्मचारियों को प्रताड़ित करने एवं कर्मचारियों का आर्थिक शोषण करने का आरोप उक्त कर्मचारी संगठन के प्रतिनिधियों के द्वारा लगाया गया है। एकीकृत मध्य प्रदेश के समय से लेकर आज तक जितने भी मुख्यमंत्री रहे हैं उन सभी मुख्यमंत्रियों से अलग जाकर भूपेश बघेल के द्वारा कर्मचारियों को प्रताड़ित किया जा रहा है एक तरफ तो कर्मचारियों को प्रशासन की रीड बताया जाता है वहीं दूसरी तरफ किसी भी कर्मचारी संगठन की मांगों पर ध्यान न देकर कर्मचारियों को विभिन्न गुटों में बांटने का भी आरोप उक्त कर्मचारी प्रतिनिधियों के दारा लगाया गया है छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के द्वारा एक तरफ तो केंद्र सरकार पर छत्तीसगढ़ के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया जाता है वही स्वयं प्रदेश में कार्यरत विभिन्न वर्गो के कर्मचारियों के साथ भी भेदभाव भारत रहे हैं प्रदेश के आई ए एस /आई पी एस एवं आई एफ एस अधिकारियों को एवं विद्युत मंडल के कर्मचारियों को पूरा 34 प्रतिशत महंगाई भत्ता दिया जा रहा है वहीं प्रदेश सरकार के कर्मचारियों को मात्र 22 प्रतिशत एवं पेंशन धारी कर्मचारियों को 17% ही महंगाई भत्ता दिया जा रहा है जबकि सभी लोगों के लिए प्रदेश में महंगाई की दर एक समान है एक तरह आर्थिक स्थिति का रोते हुए कर्मचारियों को महंगाई भत्ता नहीं दिया जा रहा है वहीं मंत्रिमंडल की बैठक में प्रदेश के विधायकों मंत्रियों एवं स्वयं के लिए वेतन भत्ते बढ़ाने का विधेयक पारित करा लिया है ऐसा दोहरा व्यवहार क्यों किया जा रहा है आज तक समझ के परे है।प्रदेश के कर्मचारियों के साथ इसी भेदभाव नीति के चलते छत्तीसगढ़ का अधिकारी कर्मचारी संघ प्रदेश के कर्मचारियों को 34 % स्वीकृत करने की मांग करते हुए दिनांक 25 जुलाई से 29 जुलाई तक निश्चित कालीन हड़ताल करने आव्हान करता है उक्त हड़ताल के चलते पूरे प्रदेश में 9 दिनों तक शासकीय कार्य नही होने के कारण प्रदेश की जनता को होने वाली तकलीफ एवं कठिनाई के लिए प्रदेश सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। संघ के ईश्वरलाल वर्मा, अजय तिवारी,संतराम टांडिया, कुबेर जैन, मनोहर तिवारी, दिनेश कुलदीप, सोहनलाल पटेल, अशोक नेताम, श्रीमती उइके, श्रीमती वंदना झा, सुनील नेताम इत्यादि अनेक कर्मचारी साथियों ने भी तत्काल महंगाई भत्ता स्वीकृत करने की मांग की है।*