“ज्यादा निवेश से जनकल्याणकारी कार्यां में वृद्धि के साथ रोजगार का सृजन भी होगा”-डॉ. अरूणा पल्टा”


उतई महाविद्यालय में ’भारतीय अर्थव्यवस्था का विकास : निवेश की जरूरत’ विषय पर वेबीनार का आयोजन

रोशन सिंह@उतई।शासकीय दानवीर तुलाराम स्नातकोत्तर महाविद्यालय उतई में ’भारतीय अर्थव्यवस्था और विकास : निवेश की जरूरत’ विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय वेबीनार का आयोजन वाणिज्य, अर्थशास्त्र विभाग और आई.क्यू.ए.सी. के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। वेबीनार की मुख्य अतिथि हेमचन्द यादव विश्वविद्यालय दुर्ग, की कुलपति डॉ. अरूणा पल्टा और विशेषज्ञ वक्ता बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज से गायत्री जोशी थीं। वेबीनार की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. राजेश पांडे ने की। इस अवसर पर डॉ. अरूणा पल्टा ने कहा कि “एक अच्छा निवेश ही उत्पादक निवेश होता है। हमें कितना, कहाँ और कैसे निवेश करना चाहिए इसकी जानकारी आवश्यक है। हमारी जनसंख्या तेजी से बढ़ रही है, अगले कुछ वर्षों में भारत विश्व की बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है। इसके लिए ज्यादा से ज्यादा निवेश की जरूरत है। इससे जी.डी.पी. में वृद्धि होगी, ज्यादा से ज्यादा जनकल्याणकारी कार्य होंगे और बड़े पैमाने पर रोजगार का सृजन होगा”। वेबीनार की विशेषज्ञ वक्ता गायत्री जोशी ने कहा कि “हमारे यहाँ आम धारणा है कि खर्च करने के बाद जो शेष रहता है, वह बचत है। इस धारणा को बदलने की आवश्यकता है। पहले हम बचत करें और उसके बाद जो शेष बचता है उसे खर्च करें। बचत को घर में रखने से उसकी क्रय क्षमता कम हो जाती है। अतः बचत का सही जगह निवेश करना जरूरी है”। वेबीनार की अध्यक्षता कर रहे महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. राजेश पांडे ने कहा कि “नब्बे के दशक के बाद भारतीय अर्थव्यवस्था में व्यापक बदलाव आया। हमारे यहाँ सेवा क्षेत्र का अभूतपूर्व विकास हुआ है। आज जब पूरी दुनियाँ मंदी के दौर से गुजर रही है। हमारी अर्थव्यवस्था विकासशील है और पाँच बिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य लेकर चल रही है। इसके लिए बड़े पैमाने पर बाहरी और घरेलू निवेश की जरूरत हैं”। इस अवसर पर अर्थशास्त्र विभाग की डॉ. शुभा शर्मा ने अपने स्वागत वक्तव्य में कहा कि “देश के विकास में निवेश की अहम भूमिका होती है। भौतिक पूँजी के साथ मानव संसाधन पर भी निवेश की जरूरत है। खासकर शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में”। कार्यक्रम का सफल संचालन वाणिज्य विभाग के प्राध्यापक राकेश मिंज ने किया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. पंकज सोनी ने किया। इस वेबीनार में राज्य और राज्य के बाहर के 226 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।

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