शिवनाथ नदी में गिरी कार 3 दिन बाद मिली:पुलगांव से आगे नदी के अंदर से निकाला गया


दुर्ग में पुलगांव के पुराने पुल से उफनती शिवनाथ नदी में गिरी कार तीसरे दिन नदी के अंदर मिली। रेस्क्यू टीम ने महाजाल डालकर कार तक पहुंची है। अब उसे क्रेन के जरिए बाहर निकाला जा रहा है। अंदर किसी शव के मिलने की जानकारी फिलहाल नहीं है। रविवार को घटना के समय यहां मौजूद एक व्यक्ति ने बताया था कि एक कार को उसने नदी में गिरते देखा था। उसमें 4-5 लोग भी सवार थे। रविवार रात घटना समय से 2 घंटे पहले दुर्ग टोल प्लाजा से करीब 78 कार व एसयूवी गाड़ियां दुर्ग की तरफ पार हुई हैं। इसमें से आधी गाड़ियां रायपुर टोल से आगे निकल गईं हैं। शेष गाड़ियों का पता लगाने के लिए उनके मालिकों को फोन करके पता किया जा रहा है।
कार में कितने लोग सवार थे? कार नदी में गिरते हुए किसी ने देखा? कार कौन सी थी? बैरिकेड्स खोलकर क्या कार नदी में खुदकुशी करने के उद्देश्य से गिराई गई? इन सभी सवालों का जवाब कोई भी नहीं दे पा रहा है। घटना को हुए 72 घंटे बीत गए थे। रायपुर से NDRF की टीम को बुलाया गया था। NDRF और SDRF की टीम मिलकर तीसरे दिन अपनी तलाश जारी कर रहे थे। दुर्ग पुलिस भी इस मामले में हर एंगल जांच कर रही है। पुलिस दुर्ग व आसपास के जिलों में गाड़ी चोरी, लोगों की मिसिंग रिपोर्ट और हर एक आपराधिक घटनाओं की जांच पड़ताल कर रही है। अभी तक कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिला।
एसडीआरएफ के प्रभारी नागेंद्र कुमार सिंह का कहना है कि जिस व्यक्ति ने कार को नदी में बहते देखा है उसके दावे के आधार पर वह लोग नदी में तलाश कर रहे थे। वहीं एसपी डॉ. अभिषेक पल्लव का कहना है कि उन्होंने खुद नदी और घटना स्थल का मुआयना किया है। पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है। अभी तक किसी के लापता होने या कार चोरी या न मिलने की कोई कंम्पलेंट भी नहीं मिली है।
इस मामले में दुर्ग पुलिस बड़े नेशनल क्राइम के एंगल से भी जांच कर रही है। दुर्ग एसपी डॉ. पल्लव का कहना है कि यह भी हो सकता है कि गाड़ी में कई बड़ा क्राइम किया गया हो। गाड़ी में किसी घोटाले या अपराध से जुड़े सबूत या दस्तावेज हों, जिन्हें मिटाने के लिए गाड़ी को गिराया गया है। पुलिस इसकी जांच कर रही है।

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