भुवन पटेल@कवर्धा। कृषि विभाग की लापरवाही के कारण जिला मुख्यालय से ग्रामीण इलाके तक गली-गली धान बीज की दुकानें बिना लाइसेंस के खुल गई हैं। यहां किसानों को दिनदहाड़े चूना लगाया जा रहा है। अफसरों के कार्रवाई न करने से दुकानदारों के हौसले बुलंद हैं। यह दुकानदार हाइब्रिड धान बीज, रासायनिक व कीटनाशक को दो से तीन गुने दाम में बेच रहे हैं।
डायरेक्टर के अनुमति के बगैर धान बीज की विक्रय
धान बीज को राज्य में बिक्री करने के लिए डायरेक्टर से अनुमति लेने की आवश्यकता होता है उसके बाद कम्पनियों के द्वारा संबंधित दुकानदार को प्रिंशिपल सर्टिफिकेट दिया जाता है जिसे लायसेंस के लिए उप संचालक के कार्यालय में जमा करना होता है लेकिन विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार त्रिमूर्ति प्लांट साइंसेस प्रा.लिमिटेड हैदराबाद को छत्तीसगढ़ कृषि विभाग के डायरेक्टर से अनुमति ही नही मिला है और दुकानों में उक्त कम्पनी के कई प्रकार के धान बीज बेचे जा रहे हैं ।
कृषि विभाग से नियमतः व्यवसाय करने के लिए लायसेंस लेकर बीज, रासायनिक खाद व कीटनाशक दवाओं की आपूर्ति व बिक्री की जाती है। इसके बाद बीज दुकानदार किसानों को माल बेचते हैं। डीलर व दुकानदारों को इसकी बिक्री करने के लिए कृषि विभाग बैध लाइसेंस जारी करता है। वर्तमान में जिले की चारो विकासखण्ड में अवैध रूप से कई डीलर व दुकानदार बीज, रासायनिक खाद, कीटनाशक व कृषि संबंधी उपकरण की खुलेआम बिक्री कर रहे हैं। शहर हो या ग्रामीण अंचल इनकी संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। इसका खामियाजा किसानों को उठाना पड़ रहा है। अशिक्षा व जागरूकता के अभाव में बीज दुकानदार इनसे मनमर्जी रकम वसूल रहे हैं। इसकी जानकारी अफसरों को भी है लेकिन सब अनजान बने हुए हैं। सूत्र बताते हैं कि इसके बदले हर माह मोटी रकम कृषि विभाग के अधिकारियों तक पहुंचती है।
मेडिकल स्टोर , पान ठेले में धान बीज की विक्रय
जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण क्षेत्रो में बिना लाइसेंस की अधिकारियों की मिलीभगत से मेडिकल स्टोर , पान ठेले , साप्ताहिक बजर्रो में धान बीज की विक्रय की जा रही है जिस पर अंकुश नही लगाया जा रहा हैं मतलब सीधा दुकानदार से अधिकारी -कर्मचारी कमीशन लेकर उक्त कार्य को अंजाम दे रहे हैं जिसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है । दुकानदार किसी एक कम्पनी का शोध प्रमाण पत्र लेकर कई लोकल कम्पनी का धान बीज बेच हैं । ऐसे कम्पनी का धान बीज बेच रहा हैं जो हाइब्रिड ही नही हैं । उसके ऊपर केवल लेबल लगा हुआ है ।
प्रिंट रेट से ज्यादा दाम में बिक रही धान
अफसरों की सह पर जिले में काफी मात्रा में दुकानों पर धान का बीज पहुंच गया है। इसकी पैकेट में अधिकतम खुदरा मूल्य से अधिक दामों पर बेचा जा रहा है। हाइब्रिड धान की अधिक मांग होने व लाभ कमाने के चक्कर में किसान दो से तीन गुना दामों में बीज खरीद रहे हैं। विभागीय अफसर इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं। अभी तक किसी भी दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई है।
अमानक हो चुकी है कई कम्पनियों के बीज
गत वर्ष कई कम्पनियों के हाइब्रिड धान अमानक हो गया था जो समय से पहले बाली आ गया था जिसके चलते किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है । जिसकी जानकारी विभागीय अधिकारी कर्मचारी को हैं फिर भी कोई ठोस कार्यवाही नही करते जो समझ से परे है ।
