रायपुर— 25 मई 2022 पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कर्मचारियों ने सातवें दिन अपनी मांगों को पूरा करने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से चर्चा के लिए नहीं बुलाया गया । संघ के अध्यक्ष श्रवण सिंह ठाकुर एवं प्रदीप कुमार मिश्रा ने महालेखाकार पत्र के माध्यम से विश्वविद्यालय के करोड़ों रुपयों की ऑडिट आपत्ती का खुलासा किया, जिसका निराकरण 4 साल बीतने के बाद भी आज तक नहीं किया गया है, जिसकी जानकारी देने राज्यपाल एवं कुलाधिपति से समय मांगा गया है । गौरतलब है की पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय कर्मचारी संघ ने कर्मचारियों के नियम विरुद्ध वसूली किए जा रहे वाहन भत्ता की राशि पर रोक लगाने की मांग 1 सितंबर 2017 से करते आ रहा है , इसके अलावा समय-समय पर शिक्षक संघ, कर्मचारी संघ ने भी नियमों का हवाला देकर इस पर आपत्ति दर्ज कर वसूली किए जा रहे वाहन भत्ता की राशि को वापस करने की मांग किया था, लेकिन विश्वविद्यालय ने बिना कार्य परिषद समन्वय समिति एवं राज्य शासन की अनुमति के मार्च 2021 तक 6900000 लाख रुपए की वसूली कर लिया ।इस पर संघ ने महालेखाकार को सूचना के अधिकार के तहत अन्य ऑडिट आपत्ती के निराकरण कराने पर जानकारी मांगा, महालेखाकार कार्यालय ने जानकारी दिया कि विश्वविद्यालय के करोड़ों रुपयों की आपत्ति का निराकरण आज तक नहीं हुआ है। कुलसचिव ने महालेखाकार के इस पत्र को कई माह तक अपने पास रखा एवं करोड़ों रुपयों की ऑडिट आपत्ति का निराकरण नहीं कराया । संघ ने भी ऑडिट आपत्ति के निराकरण कराने एवं महालेखाकार को इसकी जानकारी भेजने का आग्रह किया था , लेकिन महालेखाकार को कोई जानकारी नहीं दिया गया। संघ ने वाहन भत्ता की ऑडिट आपत्ति पर जानकारी मांगा तो सूचना के अधिकार के तहत महालेखाकार ने संघ को जानकारी दिया कि वाहन भत्ता को दिए जाने के कारणों को विश्वविद्यालय प्रशासन से पूछा गया है , इसमें महालेखाकार ने वाहन भत्ता की वसूली करने का कोई निर्देश जारी नहीं किया है। इसी प्रकार अन्य ऑडिट आपत्ति के संबंध में अप्रैल 2004 से मार्च 2016 की लेखा परीक्षा आपत्ती के संबंध में विश्वविद्यालय को किए गए पत्राचार की जानकारी दिया गया, जिसमें विश्वविद्यालय द्वारा ऑडिट आपत्ति का निराकरण नहीं किया गया है, इसमें करोड़ों रुपयों की ऑडिट आपत्ति है । संघ 2001 से सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय की भावना से काम करते आ रहा है इसलिए हमें करोड़ों रुपयों के ऑडिट आपत्ति का निराकरण कराने अथवा ना कराने से कोई लेना देना नहीं है लेकिन कर्मचारियों के खून पसीने की कमाई के वाहन भत्ते की राशि को वापस कराने का अधिकार है ।इसलिए सँघ ने प्रदेश के राज्यपाल एवं कुलाधिपति जी, मुख्यमंत्री , उच्च शिक्षा मंत्री एवं मुख्य सचिव से वाहन भत्ता के संपूर्ण राशि 69 लाख ₹को वापस करने अथवा जांच करने की मांग किया है। इसलिए संघ के प्रतिनिधिमंडल ने राजभवन से प्रदेश के राज्यपाल एवं कुलाधिपति को इसकी जानकारी देकर केवल दो बिंदुओं पहला कार्यपरिषद में एक कर्मचारी प्रतिनिधि को शामिल करने एवं दूसरा नियम विरुद्ध वसूली किए गए वाहन भत्ता की राशि को वापस दिलाने का आग्रह करने समय दिलाने का आग्रह किया है। श्रवण सिंह ठाकुर अध्यक्ष ,प्रदीप कुमार मिश्रा सचिव, पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय कर्मचारी संघ रायपुर।
