सरकार के अन्याय खिलाफ सतनामी समाज में भारी आक्रोश, सरकार को न्याय करने दिया 15 दिनों का अल्टिमेटम

  • मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र पाटन में तहसील, जिला एवं राज्य स्तर के समाजिक संगठनों ने एक साथ भरी हुंकार

प्रदेश स्तर के सतनामी हितैषी राजनितिक एवं गैर राजनीतिक मंचों की रही उपस्थिति

  • धरना प्रदर्शन के पूर्व पुरे पाटन तहसील क्षेत्र में न्याय यात्रा कर सरकार के अन्याय से लोगों को अवगत कराया
      

पाटन। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के विधानसभा क्षेत्र पाटन से लेकर पूरे छत्तीसगढ़ राज्य के अलग-अलग हिस्सों में आए दिन सतनामी समाज के लोगों पर हो रहे अन्याय एवं अत्याचार से आक्रोशित सतनामी समाज ने मुख्यमंत्री के ही विधानसभा पाटन से ही तहसील सतनामी समाज पाटन के संरक्षक एवं पूर्व अध्यक्ष द्वय शीतकरण महिलवार एवं खेमलाल देशलहरे व उपाध्यक्ष शिव प्रसाद देशलहरे, कोषाध्यक्ष शिवनंदन बंजारे, सहसचिव कामेश बंजारे, सलाहकार ओम टंडन सहित सेक्टर,जोन व प्रकोष्ठ पदाधिकारियों के नेतृत्व में सतनामी न्याय यात्रा एवं एक दिवसीय धरना प्रदर्शन के माध्यम से मंगलवार 17 मई को छत्तीसगढ़ के राज्य, जिला एवं तहसील स्तर के समाजिक संगठनों व राजनितिक एवं गैर राजनीतिक संगठन- मंचों ने न्याय के लिए हुंकार भरते हुए सरकार को ज्ञापन में सौंपे गए मांग-पत्र पर न्याय करने के लिए 15दिनो का अल्टिमेटम देते हुए, सरकार के अन्याय के खिलाफ सतनामी समाज का इसे आगाज़ करार देते हुए,तय समय में न्याय करने में अक्षमता का परिचय देने पर सरकार के खिलाफ आगे पुरे छत्तीसगढ़ में न्याय यात्रा एवं धरना प्रदर्शन के के माध्यम से अन्यायी सरकार को सबक सिखाने का संकल्प लिए।

बतादे कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के विधानसभा क्षेत्र के नगर पंचायत पाटन में मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट आदर्श गौठान (मणीकंचन) में सेवा देते अव्यवस्था के शिकार अनियमित कर्मचारी देवेन्द्र मारकण्डे की विगत 26अप्रैल को करंट लगने से मौत हो गई थी, जिस पर पांच बार के विधायक एवं छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री द्वारा उत्तर प्रदेश की किसान को तो 50.00 लाख सरकारी खजाने से दे दिए, पर अपने बहुमूल्य वोट से राज्य के राजा बनाने वाले अपने मतदाता के मौत पर मुआवजा के नाम पर ऊंट के मुंह में जीरा के समान मात्र 4.00 लाख रूपए मुआवजा दिए जाने पर सतनामी समाज ने इसे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा अन्याय करार देते हुए इसे अपर्याप्त बताते हुए सरकार को एक ज्ञापन के माध्यम से पीड़ित परिवार के उचित मुआवजा-न्याय की अपेक्षा रखी थी।

परन्तु सरकार द्वारा न्याय नहीं मिलते देख कर सतनामी समाज ने मंगलवार 17 मई को सतनामी न्याय यात्रा एवं एक दिवसीय धरना प्रदर्शन कर पाटन में पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने सरकार को चेतावनी दिए हैं।
मृतक देवेन्द्र मारकण्डे के परिवार के लिए सतनामी समाज की ने मांगपत्र सौंपा है जिसमें उनकी पत्नी को सरकारी नौकरी तथा परिवार के माता-पिता,पत्नी,2बेटियां और एक दिव्यांग बेटा सभी के नाम से 10-10लाख का एफडी व जिस अव्यवस्था के कारण देवेन्द्र मारकण्डे की मौत हो गई उसके जिम्मेदार की पहचान कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने निष्पक्ष जांच शामिल हैं।
सतनामी समाज पाटन के इस न्याय यात्रा एवं एक दिवसीय धरना प्रदर्शन में शामिल होने आए सतनामी समाज के पदाधिकारियों ने पूरे छत्तीसगढ़ राज्य के अलग-अलग हिस्सों में सरकार के संरक्षण के अभाव में आए दिन हो रहे अन्याय पर भी उपस्थित वक्ताओं ने अपनी भड़ास सरकार के खिलाफ निकालते हुए सरकार को 15दिनों का अल्टिमेटम देते हुए न्याय करने व संविधान सम्मत कानून का पालन करते एक मांग पत्र ज्ञापन के रूप में राज्यपाल, मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन एवं श्रम मंत्री डॉ शिवकुमार डहरिया के नाम तहसीलदार को सौंपे हैं, जिसमें छत्तीसगढ़ राज्य में सतनामी समाज पर हो रहे अन्याय एवं अत्याचार पर रोक लगाते हुए उचित न्याय प्रदान करने अपेक्षा रखें हैं। कि छत्तीसगढ़ राज्य में सतनामी समाज की लगभग 13% से अधिक आबादी गुरू घासीदास जी के बताए मार्ग सत्य एवं अहिंसा व मनखे-मनखे एक बरोबर पर चल कर शांतप्रिय ढंग से राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहे हैं।
पर छत्तीसगढ़ के इस सौहार्दपूर्ण माहौल को कुछ मानवीय भेड़ियों द्वारा बिगाड़ा जा रहा है तथा जातिगत भेदभावपूर्ण व्यवहार-अत्याचार व शोषण से राज्य का विकास एवं सतनामी समाज की मान-सम्मान और हक-अधिकार आहत महसूस किया जा रहा हैं।
इसके अलावा शासन स्तर पर भी हमारे संवैधानिक अधिकारों व समाजिक भावनाओं को उचित न्याय-सम्मान प्रदान नहीं किए जाने से प्रदेश स्तर पर सतनामी समाज में आक्रोश व्याप्त है।
छत्तीसगढ़ सरकार से सतनामी समाज इन मुख्य बिंदुओ( मांग) पर अन्याय पर से न्याय की अपेक्षा कर मांग किए है जिसमें प्रमुख –
1.आरक्षण-
छत्तीसगढ़ राज्य में सतनामी समाज की 13% से अधिक आबादी को जनसंख्या के हिसाब से शीघ्र प्रतिनिधित्व प्रदान करते हुए हमें न्याय दिया जाएं।
2.पदोन्नति में आरक्षण-
प्रदेश में पिंगुआ कमेटी के सिफारिश पर विधानसभा में पदोन्नति में आरक्षण एक्ट पारित कर आरक्षित वर्गों के अधिकारी- कर्मचारियों की पर्याप्त प्रतिनिधित्व सुनिश्चित कर न्याय दिया जाएं।

  1. गुरू घासीदास जिला-
    गुरू घासीदास जी के जन्म स्थली गिरौदपुरी धाम के, जिला का नामकरण, गुरू घासीदास जिला करने, के छत्तीसगढ़ प्रदेश के सतनामी समाज की भावनाओं एवं सम्मान को न्याय प्रदान किया जाएं।
    4.विधानसभा का नामकरण मिनी माता के नाम से-
    छत्तीसगढ़ के पहली महिला सांसद एवं गुरू माता को सम्मान देते हुए छत्तीसगढ़ के विधानसभा का नामकरण ममतामई मिनी माता के नाम से करते हुए हमें न्याय प्रदान किया जाएं।
    5.बजट उपयोग-
    अनुसूचित जाति के विकास व कल्याण हेतु छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा बजट को जनसंख्या अनुपात में आंबटित व 100% उपयोग सुनिश्चित करने एक्ट पारित करते हुए न्याय प्रदान किया जाएं।
    6.शासकीय अंग्रेजी माध्यम स्कूल में आरक्षण रोस्टर लागू-
    छत्तीसगढ़ में आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में हमारे वर्गों के प्रतिभा को अवसर व प्रतिनिधित्व प्रदान करने शिक्षक व अन्य स्टाफ भर्ती में आरक्षण रोस्टर लागू करते हुए न्याय प्रदान किया जाएं।
    7.धरमपुरा प्रकरण-
    सतनामी समाज के सम्मान एवं आस्था से खिलवाड़ करने का घृणित कार्य कवर्धा जिला के धरमपुरा में मानवीय भेड़ियों द्वारा किया गया है। जिस पर सतनामी समाज की भावनाएं आहत व आक्रोशित हैं व सरकार से अपेक्षा हैं कि उक्त प्रकरण पर उचित न्याय प्रदान किया जाएं।
    8.शहीद दीपक भारद्वाज के पत्नी को डीएसपी पद पर अनुकम्पा नियुक्ति-
    छत्तीसगढ़ पुलिस में रहकर अदम्य साहस एवं उत्कृष्ट कार्य का प्रदर्शन करते हुए शहीद हुए दीपक भारद्वाज के पत्नी को डीएसपी के पद पर अनुकम्पा नियुक्त देकर सम्मान- न्याय प्रदान किया जाएं।
    9.रायपुर के तेलीबांधा एवं दुर्ग के खोपली प्रकरण-
    रायपुर तेलीबांधा के गंगा प्रसाद मारकण्डे परिवार एवं दुर्ग जिला व तहसील के खोपली में समाजिक सौहार्द को बिगाड़ने व सतनामी समाज के व्यक्ति का शोषण व अपमानित करने वाले असमाजिक तत्वों को कनूनन दण्ड दिलाते हुए भविष्य में ऐसे दुष्कृत्य को हतोत्साहित एवं पीड़ित परिवार को संरक्षण तथा उचित क्षतिपूर्ति-मुआवजा व न्याय दिया जाएं।
  2. जनप्रतिनिधि व अधिकारी- कर्मचारी के प्रति जातिगत भेदभावपूर्ण व्यवहार पर रोक-
    न्याय प्रिय एवं सत्य आचरण के माध्यम से जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी के रूप में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पाटन तहसील क्षेत्र के रूही सरपंच बेटी भारती जांगड़े एवं ऊतई के शासकीय अस्पताल के डां.एन.बंजारे पर जातिवादी मानसिकता से ग्रसित लोगों के अन्याय पूर्वक गतिविधियों व कार्यों पर रोक लगाते व संरक्षण बंद करते हुए सम्मान पूर्वक जन सेवा का अवसर-न्याय प्रदान किया जाएं।
    11.चंगोरी के किसान को मुआवजा-
    चंगोरी के किसान अपने धान बेचने का इंतजार करते बठेना सोसायटी में विगत एक वर्ष पूर्व अकास्मिक मौत के शिकार हो गए, जिससे उस किसान के परिवार की उज्जवल भविष्य का सपना चकनाचूर हो गया। उक्त परिवार को क्षेत्रीय विधायक एवं छत्तीसगढ़ राज्य के मुख्यमंत्री द्वारा संवेदना व संबल प्रदान करने के रूप में एक शब्द भी नहीं आया हैं। जिसके लिए सतनामी समाज दुखी-नाराज हैं तथा मुख्यमंत्री से उक्त किसान के परिवार के लिए उचित मुआवजा-न्याय की अपेक्षा है।
  3. बठेना प्रकरण-
    बठेना में सतनामी समाज के पांच लोगों की अज्ञात कारणों से मृत्यु तथा परिवार के मुखिया द्वारा लिखे गए चिट्ठी की जानकारी से सतनामी समाज उस आत्मघाती कदम पर संदेह व्यक्त करते हैं। तथा सरकार द्वारा उचित जांच पड़ताल करा कर दोषी व्यक्ति पर कार्रवाई कर समाज को न्याय दिलाने की अपेक्षा है।
    तथा इस पर 15 दिनों के भीतर उचित न्याय नही होने पर सतनामी समाज ने प्रदेश व्यापी सतनामी न्याय यात्रा एवं धरना प्रदर्शन करने को मजबूर होने की बात मजबूती के साथ उपस्थित सतनामी समाज एवं समाज के पदाधिकारियों व समर्थन देने आए विभिन्न संगठनों, मंचों व राजनितिक दलों के प्रतिनिधि पदाधिकारियों ने कही।

मंच का संचालन तहसील सतनामी समाज पाटन के सचिव कौशल रात्रे एवं पूर्व सचिव दिनेश कोसरे ने किया।

इस अवसर पर प्रमुख वक्ता के रूप में गुरू घासीदास सम्मान से सम्मानित एवं पंथी कला के पितामह संत पुरानिक लाल चेलक,देवादास बंजारे सम्मान से सम्मानित अमोलदास टंडन,संजू गिलहरे प्रदेश प्रभारी अजा प्रकोष्ठ जोगी जनता कांग्रेस,उदयचरण बंजारे प्रदेश अध्यक्ष आजा प्रकोष्ठ जोगी जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़, दिनेश बंजारे प्रदेश अध्यक्ष युवा प्रकोष्ठ प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज रायपुर, रामप्रसाद कोसले प्रदेश अध्यक्ष राष्ट्रीय जनसभा पार्टी, संतोष सोनवानी पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रोजगार सहायक संघ छत्तीसगढ़, राजकुमार जांगड़े प्रदेश अध्यक्ष भीम आर्मी, उमेश सोनवानी प्रदेश महासचिव भीम रेजिमेंट, ज्ञानेश कुर्रे संभागीय संयोजक भीम रेजिमेंट,रेखराज बघेल जिला अध्यक्ष युवा प्रकोष्ठ महासमुंद, चन्द्रशेखर बंजारे अध्यक्ष सतनामी कल्याण आश्रम दुर्ग, दिनेश देशलहरा अध्यक्ष तहसील सतनामी समाज दुर्ग,अंकलहू मारकण्डे अध्यक्ष तहसील सतनामी समाज धमधा, टिकेंद्र वर्मा ब्लॉक अध्यक्ष आम आदमी पार्टी, महेंद्र बंजारे उपाध्यक्ष तहसील सतनामी समाज दुर्ग, ऋषि टंडन युवा कार्यकर्ता जिला सतनामी समाज दुर्ग आदि प्रमुख थे।
इस अवसर पाटन तहसील क्षेत्र के अलावा आसपास के तहसील, जिला एवं राज्य स्तर के समाजिक संगठनों,पदाधिकारियों की उपस्थिति बड़ी संख्या में बनी रही जिसमें प्रमुख रूप से जोन अध्यक्ष राजकुमार बघेल, सेक्टर अध्यक्ष चन्द्रिका बघेल, कमलेश जोशी, प्रकोष्ठ संयोजक चन्द्रशेखर जोशी, सरपंच भारती जांगड़े, उपसरपंच रमेश टंडन, समाजिक कार्यकर्ता शशी महिलवार,मूशन धृतलहरे, जीवन धृतलहरे, लक्ष्मी प्रसाद बंजारे,रवि जांगड़े, मधुसूदन डहरिया सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। तथा इस आयोजन में पाटन तहसील क्षेत्र में निवासरत व कार्यरत सतनामी समाज के विभिन्न ग्रामीण, सेक्टर,जोन, परिक्षेत्रीय, तहसील समाजिक संगठनों एवं उनके पदाधिकारियों व राजनितिक दलों में विपक्षी व सत्ता पक्ष से जुड़े समाजिक लोगों ने एकता का परिचय देते हुए तन मन धन से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से आयोजन में सहयोग कर समाज की भावनाओं से सरकार को अवगत कराया।

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