शिक्षक को दी गई विदाई,अपने शिक्षक को विदा करने पह़ुचे जिपं उपाध्यक्ष,विघार्थियों ने कहा आपकी कमी खलेगी

मुकेश सेन तरीघाट,,,,

पाटन–तहसील मुख्यालय के अंतिम छोर पर बसे गांव तरीघाट के शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल के शिक्षक टीपी शर्मा को विदा किया गया, वे अपने62 वर्ष पुर्ण करने के बाद आज ससम्मान विदा हुए, उनके सम्मान में खुद जिपं उपाध्यक्ष अशोक साहू पहुंचे और अपने स्कूल लाइफ के बारे में बताया, श्री शर्मा 1983 मे शिक्षा विभाग में पदस्थ हुए तब से लेकर केसरा, धौराभाठा,देवादा गोड़पेड्री मे अपनी सेवाएं दी,उनके सेवा से छात्र तो छात्र स्टाफ सहित जनप्रतिनिधि भी उनके मुरीद हुआ करते थे, टीपी शर्मा एक शिक्षक के रूप में सेवाएं देने के साथ सामान्य जीवन में अलग ही तरह के व्यक्तितत्व रखते थे, जिपं उपाध्यक्ष अशोक साहू ने उनकी भूरी भूरी प्रशंसा करते हुए अपने पुराने दिन को याद किया जब वे केसरा स्कूल में छात्र हुआ करते थे और शर्मा सर शिक्षक के रूप में पदस्थ रहे, विदाई समारोह में उन्हें विदा करने वाले लोगों का ताता लगा रहा, बड़ी संख्या में छात्र छात्राएं उपस्थित रहे वहीं समस्त स्टाफ गांव के जनप्रतिनिधि भी शामिल हो कर उनके सम्मान को बढ़ाया, इस अवसर पर शिक्षकों ने अपने अनुभव साझा किया, वहीं पुर्व मे स्कूल में उत्कृष्टता के साथ पास होने वाले बच्चों को भी सम्मानित किया गया जिसमे पल्लवी यादव ,भुमिका सेन,योगिता सिन्हा को शील्ड देकर सम्मानित किया गया,इस अवसर पर जिपं उपाध्यक्ष अशोक साहू, जिपं सदस्य के प्रतिनिधि कमलेश नेताम,जनपद सदस्य मीराबाई सिन्हा,प्राचार्य गजेंद्र नाथ पांडेय, विधायक प्रतिनिधि चोवा राम सिन्हा, प्रधानपाठक अनिता टाक,प्रधानपाठक लोक नाथ सोनवानी, शाला विकास समिति के अध्यक्ष तोरण सिन्हा, सांसद प्रतिनिधि यशवंत साहू, सदस्य डा. छत्रपाल साइ,तमेश साहू,सहित जनप्रतिनिधि गंगा राम साहू, मुकेश सेन,संदीप खुटियारे उपस्थित रहे

शर्मा सर ने अपने सेवा काल में अनेक स्कूल में पदस्थ रहे

शर्मा सर ने 1983को केसरा स्कूल में बतौर शिक्षक पदस्थ हुए,वहीं10वर्ष तक सेवा देने के बाद धौराभाठा स्कूल, गोड़पेड्री, देवादा मे पदस्थ रहे

जिपं उपाध्यक्ष ने अपने स्कूल लाइफ के अनुभव साझा किया

शर्मा सर एक शिक्षक के रुप में सेवा दिये लेकिन उनके होनहार छात्र के रूप में वर्तमान जिपं उपाध्यक्ष अशोक साहू भी रहे, उन्होंने अपने बचपन की यांदे ताजा कि किस तरह वे आगे बढ़े ,और कहा कि एक शिक्षक कभी सेवानिवृत्त नहीं होता बल्कि वे हमेशा शिक्षक रहते हैं चाहे सामाजिक जीवन की बात क्यों ना हो

विदा देने वाले लोगों का लगा रहा तांता

शर्मा सर को विदा करने शिक्षकों के साथ ग्रामीण उपस्थित रहे वहीं अपने शिक्षक के सेवानिवृत्त होने के समय भारी संख्या में छात्र छात्राएं भी उपस्थित रहे और नम आंखों से अपने गुरूवर को विदाई दी, एवं सामाजिक जीवन में भी अपने अनुभव को साझा करने की प्रार्थना की, शर्मा सर ने अपने विघार्थियों के अनुभव व अपने जीवन काल के बारे में भी बताया व उपस्थित अतिथियों का अभिवादन स्वीकार किया

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