पाटन–तहसील मुख्यालय के जीवनदायिनी कहे जाने वाली खारून नदी कुछ दिनो मे अपने वेग को पूरी तरह से खो चुकी थी, लोगों के निस्तारण के साथ जानवरों के पीने के लिए पानी नहीं था,इस कड़ी में आम जनता के मांग को देखते हुए शासन प्रशासन द्वारा खारून नदी पर पानी छोड़ा गया था जो कि तरीघाट तक पहुंच चुकी है जिसस लोगों ने राहत की सांस ली है क्योंकि निस्तारण के साथ रबी फसलों के लिए खतरा बढ़ गया था जो कि नदी पर पानी आने से पुनः सुधार हुआ है, वाटरलेवल बढ़ने लगे हैं इसके लिए खारून नदी से लगे गांव के लोगों को फायदा होगा, व उन्होंने शासन प्रशासन को ध्न्यवाद ज्ञापित किया है
लोगों के निस्तारण मे हो रही समस्याओं के लिए खारून नदी में पानी छोड़ा तरीघाट डेम पर छलकने लगा
