नवोदय विद्यालय के स्थापना दिवस पर पुराने साथी फिर मिले/विद्यालयीन यादें ताजा की,,,,सभी अलग अलग विभागों में शासकीय सेवाएं दे रहे

उतई (न्यूज 24 कैरेट/सतीश पारख) 13 अप्रैल ,नवोदय विद्यालय का स्थापना दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य के बालोद जिला के मालीघोरी दुधली नवोदय विद्यालय में बच्चो और शिक्षकों से भेंट का अवसर प्राप्त हुआ. ।बोरई ( दुर्ग) के 3 पूर्व छात्र डॉ भीष्मदेव साहू (1991नवोदय भर्ती), वरिष्ठ पशु चिकित्सा सहायक सर्जन डौंडी, डॉ नुरेन्द्र साहू (1992 नवोदय भर्ती ) वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी बालोद और श्री सूर्यनारायण ताम्रकार (1992नवोदय भर्ती ) सहायक संचालक (कृषि) बालोद अपनी अध्यापन संस्था नवोदय विद्यालय साथ पहुंचे. ।उनके अध्यापन कार्यकाल की गौरवशाली पलो की यादे ताजा हो गई. ।उन्होंने विद्यालय पहुंचने पर अपने मन के उदगार यूं व्यक्त किए की जैसे उन्होंनेअपना बचपन पुनः पा लिया हो।. मन प्रफुल्लित और शरीर उमंग से चहचहा उठा. सलाम नवोदय. ।
उन्होंने कहा की “नवोदय ” सिर्फ एक विद्यालय नहीं है।
यह उस “ज़न्नत” का नाम हैं, जहाँ हमने अपने जीवन के सबसे बेहतरीन साल गुजारे है।ओर जहां से मिली शिक्षा और गुरु ज्ञान की ताकत के दम खम पर प्रदेश के विभिन्न विभागों में कार्यरत अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

यह उस ‘धागे’ और अटूट स्नेह-बंधन का नाम हैं, जो हमें दिल से एक साथ जोड़े हुए है। चूँकि, नवोदय से ही हम नवोदयन हैं। और हमारा यह ग्रुप , दोस्ती , सम्पर्क एवं व्यवहार..

यह उस बेजोड़, बेमिसाल संस्था का नाम है, जिसने न केवल हमें शिक्षित कर हमारा चहुँमुखी विकास किया बल्कि हमें एक बेहतर इंसान भी बनाया हैं ।

इसीलिए आज हम सब जो भी हैं, जहाँ भी हैं, उसका श्रेय ‘नवोदय’ को जाता है।

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